सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी, वैज्ञानिक खतरे और एक नए पर्यावरण जनांदोलन की आवश्यकता 28 जुलाई 2025 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया ऐतिहासिक […]
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चुभती धूप – जलता जीवन
जलवायु परिवर्तन – प्रकृति की बदलती करवट सुनीता बंसल एक समय था जब गर्मी की धूप बच्चों के लिए खेल का निमंत्रण होती थी, और […]
Read moreजंगल, हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी की जीवन रेखा हैं – हाथी
12 अगस्त विश्व हाथी दिवस(वर्ल्ड एलिफेंट डे) सुनील कुमार महला प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस(वर्ल्ड एलिफेंट डे), मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य […]
Read moreजलवायु में बदलाव के दौर में भयावह होता बादलों का फटना
हिमाचल प्रदेश में बादल फटे, कुछ घटनाएँ कश्मीर से भी पंकज चतुर्वेदी मॉनसून के मौसम में हिमालयी राज्यों के लिए बादल फटना कोई नई घटना […]
Read moreहिमालय की चेतावनी: नदी-नालों से दूरी बनाएँ, जीवन बचाएँ
क्लाउडबर्स्ट, जल प्रवाह और आपदा प्रबंधन पर वैज्ञानिक और नीतिगत विश्लेषण अजय सहाय भारत के हिमालयी, अरावली, नीलगिरी, पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट जैसे पर्वतीय […]
Read moreमानसून डराता नहीं , हकीकत उजागर करता हैं
क्या नदी, नहर, तालाब झील आदि पानी के स्त्रोत ? पंकज चतुर्वेदी हाल ही में एक समाचार देखा जिसमें बिहार के एक जिला मुख्यालय में […]
Read moreजल उफान की चेतावनी: 2025-26 में नदियों के कहर के पीछे वैज्ञानिक विश्लेषण
मानवजनित कारण और भारत की जल आत्मनिर्भरता की दिशा में समाधान अजय सहाय 2025-26 के वर्षा ऋतु में भारत की अधिकांश बड़ी और छोटी नदियों […]
Read moreवर्ष 2060 तक एक अरब टन प्रति वर्ष से ज्यादा हो जाएगा प्लास्टिक उत्पादन !
पैकेजिंग, निर्माण, और इलेक्ट्रॉनिक्स में प्लास्टिक का प्रयोग सुनील कुमार पर्यावरण, हमारे धरती के पारिस्थितिकी तंत्र से लेकर मनुष्य जीवन हो या जीव-जंतु, वनस्पतियां हों […]
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