सुनील कुमार महला प्लास्टिक मनुष्य से लेकर धरती के समस्त जीवों, हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी के लिए एक प्रकार से ज़हर है। आज देश-दुनिया को […]
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जल प्रबंधन और संरक्षण:
जल संकट का एकमात्र समाधान विकास परसराम मेश्राम जल मनुष्य के जीवन का मूल आधार है। धरती पर हर जीव का अस्तित्व जल पर निर्भर […]
Read moreस्वच्छ जल की सुलभता: आज भी एक चुनौती !
सुनील कुमार महला, फ्रीलांस राइटर भौगोलिक दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है, जबकि जनसंख्या के दृष्टिकोण से आज के समय दुनिया […]
Read more22 मार्च विश्व जल दिवस
पारंपरिक ‘जल-तिजोरियां’ ही बचा सकती हैं बेपानी होने से पंकज चतुर्वेदी इस साल मौसम ने होली से पहले ही तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए […]
Read moreसतत् विकास हेतु जल संरक्षण आवश्यक
सुनील कुमार महला 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है। वास्तव में प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को मनाया जाने वाला विश्व जल दिवस […]
Read moreविश्व जल दिवस के निमित्त 23 मार्च को ‘क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया?’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन
जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन के बढ़ते खतरों के बीच ‘सेवा-सुरभि’ संस्था द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया’ विषय […]
Read moreपानी की बर्बादी ना रोकी तो बेपानी हो जायगा देश
पंकज चतुर्वेदी जाम्बा, करनाल से कैथल जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक संपन्न गांव है। कोई 1250 की आबादी वाले पूरे गांव में 242 घर […]
Read moreप्लास्टिक कचरे को कम करना होगा
पंकज चतुर्वेदी पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के स्थानीय निकायों को ठोस कूड़े के निष्पादन में कोताही बरतने पर नाखुशी जाहिर करते हुए पूछा […]
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