वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 अजय सहाय भारत में जल संकट एक बहुआयामी चुनौती बन चुका है जिसे केवल […]
Read moreCategory: Climate Change (जलवायु परिवर्तन)
मानसून को हिन्द महासागर में जलवायु परिवर्तन के परिपेक्ष्य में समझना होगा
अगस्त से चार सितंबर तक देश के उत्तरी हिस्से में सामान्य से तीन गुना अधिक बारिश पंकज चतुर्वेदी इस बार उत्तर भारत में मानसून ने […]
Read moreगंगा–यमुना का जीवित इकाई दर्ज़ा
25 वर्षों की न्यायिक, नीतिगत और पर्यावरणीय यात्रा अजय सहाय गंगा और यमुना नदियाँ भारतीय संस्कृति, सभ्यता, आस्था, कृषि और जीवनरेखा की प्रतीक मानी जाती […]
Read moreयह विकास का मॉडल तो निकोबार में तबाही लाएगा
2013 में इसे यूनेस्को के जैवमंडल कार्यक्रम (ह्यूमन एंड बायोस्पियर प्रोग्राम) में शामिल किया गया पंकज चतुर्वेदी क्या दुनिया के सबसे अधिक अनूठे , वैविध्यपूर्ण और संकटग्रस्त […]
Read moreवैज्ञानिक दृष्टि से नीम, पीपल, बरगद और जामुन का महत्व
ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और आर्सेनिक संकट से जूझते भारत का हरित समाधान अजय सहाय नीम, पीपल, बरगद और जामुन जैसे परंपरागत वृक्ष वर्तमान वैश्विक […]
Read moreउत्तराखंड की नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी
उच्च न्यायालय और ट्रिब्यूनल के सख्त फैसले, नदियों-नालों के किनारे विकास पर रोक और आपदा से बचाव का वैज्ञानिक दृष्टिकोण अजय सहाय उत्तराखंड की संवेदनशील […]
Read moreबाढ़ मुक्त भारत का विज़न
विज्ञान, संविधान और अंतरराष्ट्रीय मॉडल की राह अजय सहाय भारत के वर्तमान परिदृश्य में हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा, मानसून की अनियमितता, […]
Read moreहिमाचल की त्रासदी, वैश्विक चेतावनी
जलवायु खतरों को कब समझेंगे? रोहित पराशर हाल ही में हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं में भारी नुकसान देखने को मिला है और पर्यावरण असंतुलन […]
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