रोहित कौशिक दिल्ली में एक बार फिर युमना नदी में जहरीले झाग की सफेद चादर देखी गई है। हर साल अक्टूबर-नवम्बर में यमुदा नदी में […]
Read moreCategory: Climate Change (जलवायु परिवर्तन)
“जलवायु परिवर्तन से ‘बाल अधिकारों’ का उल्लंघन होता है।”
दोस्तो ! क्या तुम रिद्धिमा पांडे को जानते हो ? अरे वह आप जैसी ही स्कूल जाने वाली छोटी सी लड़की है। उनके घर उत्तराखंड […]
Read more‘भारत में जलवायु परिवर्तन’
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव न केवल वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है, बल्कि यह स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं को भी जन्म दे रहा है। यह […]
Read moreजल का सही प्रबंधन ही जलस्वराज की ओर बढ़ने का रास्ता है…
विकास परसराम मेश्राम जल जीवन का मूलभूत तत्व है। यह पृथ्वी पर सभी जीवों के लिए अनिवार्य है। हालांकि, बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित विकास के […]
Read moreमानवीय हस्तक्षेप से बढ़ी आपदाओं की तीव्रता
रोहित कौशिक हर बरसात में पहाड़ों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं। इस साल भी यही हाल है।अत्यधिक मानवीय हस्तक्षेप एवं मानवीय गतिविधियों ने […]
Read moreओज़ोन परत संरक्षण और जलवायु कार्यवाही को बढ़ाना
( विश्व ओज़ोन दिवस 16 सितम्बर पर विशेष ) डॉ. मौहम्मद अवैस ओज़ोन गैस ऑक्सीजन का एक अनुरूप है यह वायुमंडल में बहुत कम […]
Read moreजलवायु परिवर्तन और जल संकट पर प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण ही एकमात्र समाधान
विकास परसराम मेश्राम जल संकट केवल हमारे देश की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आज दुनिया की 26 […]
Read moreबारिश और बाढ़ से तबाही
जहां सूखा ,वहीं बाढ़ रोहित कौशिक बारिश और बाढ़ के कारण भारत के कई राज्यों में भारी तबाही हुई है। एक तरफ नदियां उफान […]
Read moreकागजी अमृत तालाबों से बेपानी ही रह गया देश
दावा 68 हजार से अधिक तालाब बनाने का, पर अधिकतर फोटो में ही नजर आ रहे पंकज चतुर्वेदी केन्द्र सरकार की “अमृत सरोवर योजना” का दिसंबर 2023 में समापन हो […]
Read moreलद्दाख: जलवायु संकट की दहलीज़ पर
लद्दाख जलवायु संकट के कगार पर है; हमें तत्काल कार्रवाई की जरूरत है ताकि इस ऊँचे दर्रों की भूमि को बचाया जा सके
Read moreमौसम पूर्वानुमान में अल-नीनो की भूमिका
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक सन 1953 से 2023 के बीच कुल 22 ला नीना साल दर्ज किए गए हैं, जिसमें से सिर्फ दो बार यानी साल 1974 और 2000 के मॉनसून सीजन में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि बाकी सालों के मॉनसून में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
Read moreक्या ऐसी होती है स्मार्ट सिटी?
एक पहाड़ी शहर का सालाना बजट 100 करोड़ भी नहीं है और उसके सिर पर 2500 करोड़ की परियोजना का वजन डाल दिया गया । स्मार्ट सिटी के लिए गठित समिति की बैठकें या नहीं होना या फिर बहुत काम होना, बैठक में सांसद आदि का काम शामिल होने की बात इस रिपोर्ट में कही गई है जिससे परियोजना में जन प्रतिनिधियों के सुझाव कम ही शामिल हुए।
Read moreपर्यावरण की अनदेखी से बढ़ते भूस्खलन
केरल के वायनाड में तीव्र भूस्खलन ने मुंडक्कई, चूरलमाला कस्बों का अस्तित्व मिटा दिया
Read moreढहते पहाड़ से बिगड़ता प्राकृतिक संतुलन
भूस्खलन अर्थात ऊँचाई से कीचड़, मलबा और चट्टानों का तेजी से नीचे आना . इससे जनजीवन ठहर सा जाता है .सडक और रेलवे लाइने बाधित होती हैं .
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