Category: Climate Change (जलवायु परिवर्तन)

मानव और प्रकृति के बीच हों गूढ़ सह-संबंध विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस

मानव और प्रकृति के बीच हों गूढ़ सह-संबंध

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस सुनील कुमार पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आज के समय में बहुत ही आवश्यक हो गया है, क्यों कि आज […]

Read more
जलवायु परिवर्तन और मानव व्यक्तित्व ऊँचाई, मस्तिष्क विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर वैज्ञानिक प्रभाव

जलवायु परिवर्तन और मानव व्यक्तित्व

ऊँचाई, मस्तिष्क विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर वैज्ञानिक प्रभाव अजय सहाय वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) केवल पृथ्वी के भौतिक परिवेश को ही […]

Read more
कुछ देर को बत्ती बुझा दो न !

कुछ देर को बत्ती बुझा दो न !

कृत्रिम प्रकाश की उपस्थिति में, जुगनुओं को तेज रोशनी करने की कोशिश में पंकज चतुर्वेदी पिछले महीने महाराष्ट्र के पुरुषवाड़ी , भंडारदरा , राजमाची , प्रबलमाची ,कर्जत  जैसे स्थानों […]

Read more
शहरी बाढ़ बनाम वर्षा जल प्रबंधन वैश्विक सर्वोत्तम मॉडल के साथ भारत के लिए वैज्ञानिक समाधान

शहरी बाढ़ बनाम वर्षा जल प्रबंधन

वैश्विक सर्वोत्तम मॉडल के साथ भारत के लिए वैज्ञानिक समाधान अजय सहाय वर्ष 2025 में भारत के विभिन्न महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, […]

Read more
जलवायु संकट से बच्चों की पढ़ाई और सीखने पर मंडराया खतरा

जलवायु संकट से बच्चों की पढ़ाई और सीखने पर मंडराया खतरा

जन्म से पहले और शुरू के वर्षों में गर्मी झेलने वाले बच्चों की स्कूली पढ़ाई होती है कम जो बच्चे छोटी उम्र में गर्मी की […]

Read more
ग्लेशियर पर्यटन (Glacier Tourism) और इसका प्रभाव

ग्लेशियर पर्यटन (Glacier Tourism) और इसका प्रभाव

हमें Glacier Tourism को केवल “आर्थिक अवसर” के रूप में नहीं बल्कि “पारिस्थितिक जिम्मेदारी” के रूप में देखना होगा अजय सहाय ग्लेशियर पर्यटन (Glacier Tourism) […]

Read more
टोंटी खुली छोड़ कर पोंछा लगाने की कवायद

दिल्ली वायु प्रदूषण और पुराने वाहन (हस्तकक्षेप )

दिल्ली में वायु प्रदूषण  का बड़ा कारण यहां बढ़ रहे वाहन पंकज चतुर्वेदी दिल्ली के आनंद विहार में वायु प्रदूषण का स्तर  बहुत गंभीर (Severe) श्रेणी […]

Read more
नदियाँ बहती रहीं, सूखे बढ़ते रहे भारत का अधूरा जल प्रबंधन सपना

नदियाँ बहती रहीं, सूखे बढ़ते रहे

भारत का अधूरा जल प्रबंधन सपना अजय सहाय भारत में प्रतिवर्ष औसतन 4000 अरब घन मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होने के बावजूद भी स्वतंत्रता […]

Read more