प्रकृति, विज्ञान एवं समसामयिक विमर्श की अभिव्यक्ति
Read moreTag: #पर्यावरण
तपता दक्षिण: जलवायु परिवर्तन और अदृश्य किरणों का जानलेवा जाल
तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में इस साल गर्मी ने समय से पहले दस्तक पंकज चतुर्वेदी भले ही उत्तर और मध्य भारत बेमौसम बरसात […]
Read moreपृथ्वी दिवस 2026 : हमारी शक्ति, हमारा ग्रह बचाने का संकल्प
22 अप्रैल का दिन विश्वभर में पृथ्वी दिवस (अर्थ डे) के रूप में मनाया जाता है। सुनील कुमार महला 22 अप्रैल का दिन अपने आप […]
Read moreहिमालय की शुद्ध आबोहवा पर थार का ‘जैविक प्रहार’
रेगिस्तान की धूल का हिमालय तक पहुँचना कोई सामान्य घटना नहीं है पंकज चतुर्वेदी हिमालय की जिन बर्फीली चोटियों को हम शुद्धता और जीवनदायिनी हवा […]
Read moreझीलों को बीमार कर रहा है माइक्रोप्लास्टिक
शहरों की झीलों में माइक्रोप्लास्टिक का बढ़ता प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय बन गया है पंकज चतुर्वेदी शहरों की जीवनरेखा कही जाने वाली […]
Read moreनदी में दूध : आस्था का अतिवाद और पारिस्थितिकी पर प्रहार
नर्मदा नदी के अभिषेक के लिए टैंकरों से 11 हजार लीटर दूध नर्मदा में अर्पित पंकज चतुर्वेदी नर्मदा, जिसे मध्य भारत की जीवनरेखा कहा जाता […]
Read moreनल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग
जल जीवन मिशन और ‘अमृत’ जैसे प्रोजेक्ट्स के पिछले सात वर्षों के सफर को देखें पंकज चतुर्वेदी भारत दुनिया की लगभग 18% आबादी का घर […]
Read moreभारत का हरित पथ
संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]
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