हर वर्ष आइजोल के साइलाम बर्ड सैंक्चुअरी में आयोजित होने वाला सीएससी एक सप्ताह तक चलने वाला एक पक्षी गणना अभियान है। ललओमोईया साइलो मिजोरम […]
Read moreTag: #पर्यावरण
स्वच्छता का पर्व है होली
कहानियां,किवदंतियां कुछ भी कहें,लेकिन इस पर्व का वास्तविक संदेश तो – स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण ही है पंकज चतुर्वेदी होली भारत में किसी एक जाति, […]
Read moreपोरंबोके: शहरी सामुदायिक संसाधनों की पुनर्कल्पना
अगर पानी साफ तौर पर दिखाई दे, सबके लिए आसानी से उपलब्ध हो, और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाए, तो हमारे शहर कैसे […]
Read moreखेतों की मेढ़ पर खड़ा ‘ग्लोबल वार्मिंग’ का सच
साल 2026 की यह फरवरी डराने वाली है, सूरज की तपिश ने समय से पहले ही मार्च के अंत वाले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पंकज […]
Read moreएनजीटी में होने चाहिए 51 सदस्य, हैं महज 5
साफ है कि सरकार कथित विकास के नाम पर पर्यावरण पर बुलडोजर चलाते रहना चाहती है पंकज चतुर्वेदी बुदेलखंड में छतरपुर शहर के सबसे बड़े […]
Read moreबुद्धा नाला: पंजाब से राजस्थान तक बहता जल संकट
कभी ताज़ा पानी देने वाला लुधियाना का बुद्धा नाला अब प्रदूषित जल और उद्योगों के कचरे से भर चुका है। यह दूषित जल पंजाब से […]
Read moreभविष्य के जलवायु समझौतों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज: क्योटो प्रोटोकॉल
16 फरवरी 2005 को क्योटो प्रोटोकॉल आधिकारिक रूप से लागू हुआ था सुनील कुमार महला पर्यावरणीय दृष्टि से 16 फरवरी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना […]
Read moreजलवायु परिवर्तन के युग में सहनशील भारत
वैज्ञानिक आधार और पर्यावरणीय समाधान अजय सहाय जलवायु सहनशीलता (Climate Resilience) वह वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और सामाजिक क्षमता है जिसके माध्यम से कोई समाज, पारिस्थितिकी तंत्र […]
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