भारत में भूजल की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है और इस संकट की ओर कई दशकों से अनदेखी हो रही है। नेशनल ग्रीन […]
Read moreTag: #पर्यावरण
यह कहना अतिषियोक्ति नहीं होगा कि गोवा का अस्तित्व मैनग्रोव वनों के कारण है , जिसने वहाँ शहरी इलाके में खारे पानी को रोका हुआ है – साथ ही भूमि कटाव, जल- जीवन का आधार भी मैनग्रोव ही है । पिछले कुछ सालों में कथित विकास के नाम अपर वहाँ मैनग्रोव को उजाड़ा जा रहा है और यह गोवा के अस्तित्व पर खतरे कि चेतावनी है । यह लेख इसी विषय पर है ।
उजड़ते मैनग्रोव वन से गोवा में तबाही का खतरा पंकज चतुर्वेदी गोवा अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, नदियों के सघन जाल और समृद्ध जैव-विविधता के लिए विश्व […]
Read moreधरती का स्पर्श,स्वस्थ जीवन का आधार:मिट्टी, चुंबकत्व और शरीर की ऊर्जा।
मिट्टी मानव जीवन का मूल आधार है। कहना ग़लत नहीं होगा कि हमारे भोजन, जल, वनस्पति तथा समस्त जीव-जगत का अस्तित्व मिट्टी पर ही निर्भर […]
Read moreमूक जीवों के लिए करुणा का संकल्प: यह हमारी सनातन भारतीय संस्कृति का अहम् हिस्सा !
पूरी दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग लगातार बढ़ती चली जा रही है और यह चिंताजनक बात है सुनील कुमार महला पूरी दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग लगातार […]
Read moreमधुमक्खियां, मानव और प्रकृति : साझी जिम्मेदारी
इस पृथ्वी पर जीवन, खाद्य सुरक्षा, जैव- विविधता और पारिस्थितिक संतुलन की अत्यंत महत्वपूर्ण व अहम् कड़ी हैं सुनील कुमार महला प्रतिवर्ष 20 मई को […]
Read moreज्ञान, विज्ञान और मानवता का प्रकाश
16 मई अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर विशेष आलेख सुनील कुमार महला हर वर्ष 16 मई को अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस मनाया जाता है। पाठकों को बताता […]
Read moreहवा में घुला परागकणों का जहर
दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्मी की आहट के साथ ही हवा का मिजाज बदलने लगा है पंकज चतुर्वेदी मई महीने के पहले हफ्ते […]
Read moreहम आदिवासियों के स्वास्थ्य की जड़ें जंगल में हैं
कर्नाटक के आदिवासियों के लिए स्वास्थ्य और जीवनयापन के मुद्दे, जंगलों से उनके गहरे रिश्ते और विस्थापन के इतिहास में निहित हैं। इसलिए स्वास्थ्य का […]
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