Tag: #पर्यावरण

छोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा

छोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा

सामूहिक खेती से किसान कम जमीन मिलाकर खेती कर सकते हैं, उपज बढ़ा सकते हैं और गुजर-बसर की खेती से आगे बढ़ सकते हैं। शीर्षेंदु […]

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सदियों तक चले जलवायु संकट की वजह से खत्म हुई सिंधु घाटी सभ्यता

सदियों तक चले जलवायु संकट की वजह से खत्म हुई सिंधु घाटी सभ्यता

4,450 साल पहले कई बार पड़ा सूखा, 0.5 डिग्री तक बढ़ा तापमान तो वर्षा में 10 से 20% तक की आई कमी जलवायु संकट नया […]

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प्रदूषित जल से जन-जीवन पर संकट इंदौर की चेतावनी कहानी

प्रदूषित जल से जन-जीवन पर संकट

इंदौर की चेतावनी कहानी सुनील कुमार महला कहां गया है कि ‘जल ही जीवन है।’ लेकिन जल किसी की जान ले लें तो यह बहुत […]

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तबाही अकेले अरावली तक ही नहीं रुकती

तबाही अकेले अरावली तक ही नहीं रुकती

“ हर कोई शिखर पर पहुंचना चाहता है, लेकिन पहाड़ की चोटी पर कोई विकास नहीं होता। घाटी में ही हम हरी-भरी घास और उपजाऊ […]

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जब ग्रेप पाबंदी भी बेअसर हो !

जब ग्रेप पाबंदी भी बेअसर हो !

दिल्ली एनसीआर को गैस चेम्बर में तब्दील होने का  सबसे बड़ा कारण  सड़कों पर राज करते वाहन हैं पंकज चतुर्वेदी दिल्ली की साँसों के संकट […]

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जब समुदाय जागा, तो बदली तक़दीर ,जल संकट पर हलमा की पहल

जब समुदाय जागा, तो बदली तक़दीर ,जल संकट पर हलमा की पहल

पानी की कमी के कारण फसलों की सिंचाई नहीं विकास परसराम मेश्राम रतलाम जिले के बजाना तहसील में स्थित घोड़ाखेडा, बगली, रामपुरिया और धावड़ादेह गांवों […]

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सतत विकास: समृद्धि और संरक्षण का साझा मार्ग !

सतत विकास: समृद्धि और संरक्षण का साझा मार्ग !

अरावली को केवल पहाड़ियों की एक भौगोलिक श्रृंखला मानना भूल होगी सुनील कुमार महला अरावली पहाड़ियों की जिस परिभाषा को पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट ने […]

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आखिर क्या गुल खिलाएगी दक्षिण भारत में अप्रत्याशित ठंड

आखिर क्या गुल खिलाएगी दक्षिण भारत में अप्रत्याशित ठंड

हाल के वर्षों में  ठंड के मौसम में उत्तरी हवाओं के असामान्य रूप से गहरे प्रवेश पंकज चतुर्वेदी कर्नाटक के हुबली -धारवाड़ में कभी  स्वेटर […]

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