Tag: #पर्यावरण

देवदार से गंगा तक हिमालयी वनों की जैव-रासायनिक शक्ति, बैक्टीरियोफेज विज्ञान और गंगा की स्व-शुद्धिकरण क्षमता पर विकास का प्रभाव

देवदार से गंगा तक

हिमालयी वनों की जैव-रासायनिक शक्ति, बैक्टीरियोफेज विज्ञान और गंगा की स्व-शुद्धिकरण क्षमता पर विकास का प्रभाव अजय सहाय हिमालय की गोद में स्थित देवदार (Cedrus […]

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अरावली बनाम तथाकथित विकास: प्रकृति के शोषण की कीमत

अरावली बनाम तथाकथित विकास: प्रकृति के शोषण की कीमत

जलवायु और वर्षा संतुलन,भूमि क्षरण और बाढ़ नियंत्रण,वायु प्रदूषण से सुरक्षा के साथ ही अरावली कृषि और मानव जीवन का भी प्रमुख आधार सुनील कुमार […]

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अरावली में नए खनन पट्टे देना तथा खनन चालू

अरावली में नए खनन पट्टे देना तथा खनन चालू

नई परिभाषा ने तो अरावली की जमीन को ही हड़पने का षड्यंत्र किया है। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह उच्चतम न्यायालय से भारत सरकार को नए खनन […]

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जैव विविधता संकट पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र का टूटता संतुलन और मानव सभ्यता पर बढ़ता अस्तित्व संकट

जैव विविधता संकट

पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र का टूटता संतुलन और मानव सभ्यता पर बढ़ता अस्तित्व संकट अजय सहाय जलवायु परिवर्तन, अंधाधुंध वनों की कटाई, वायु प्रदूषण, जल […]

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अरावली मां के स्तन काटकर बेचने वाले अपराधी हैं

अरावली मां के स्तन काटकर बेचने वाले अपराधी हैं

मां तो हमारा पोषण करती है, हमें जीवन विद्या देकर जीने योग्य बनाती है। लालची बनकर माई से कमाई करने वालों को छोड़कर, अरावली बचाने […]

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पुरखों की समझ, आज की भूल बाढ़ मैदान, ढलान और हिमालयी आपदाएँ

पुरखों की समझ, आज की भूल

बाढ़ मैदान, ढलान और हिमालयी आपदाएँ अजय सहाय हिमालय केवल पर्वतों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह भारत की जल-सुरक्षा, जलवायु संतुलन, नदियों के उद्गम, […]

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वेटलैंड: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध धरती की अंतिम प्राकृतिक ढाल

वेटलैंड: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध धरती की अंतिम प्राकृतिक ढाल

यदि धरती को जलवायु परिवर्तन से बचाना है, तो वेटलैंड बचाना अनिवार्य है अजय सहाय वेटलैंड—जिन्हें धरती के “किडनी”, “कार्बन-सिंक” और “प्राकृतिक जल-टैंक” के रूप […]

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दिखता नहीं, पर घातक है: जीवन के हर कण में समाता माइक्रो प्लास्टिक

दिखता नहीं, पर घातक है: जीवन के हर कण में समाता माइक्रो प्लास्टिक

प्लास्टिक प्रकृति, जीवन और भविष्य-तीनों का दुश्मन सुनील कुमार महला प्लास्टिक पर्यावरण का मौन ज़हर है। यह हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित करता है, […]

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