पर्यावरणीय संस्था ऑक्सफैम की नई रिपोर्ट सुनील कुमार महला हाल ही में एक हिंदी न्यूज़ एजेंसी के हवाले से एक प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक में यह […]
Read moreTag: #पर्यावरण
माधव गाडगिल: वह चेतावनी, जिसे हमने बार-बार नज़रअंदाज़ किया
माधव गाडगिल का नाम इतिहास में विशेष रूप से पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के साथ दर्ज रहेगा पंकज चतुर्वेदी प्रो. माधव गाडगिल […]
Read moreयदि धरती माँ है तो पहाड़ पिता !
जिसमें पर्व है , वही पर्वत है – राहुल सांकृत्यायन पंकज चतुर्वेदी अरावली पर अदालत ने भी चिंता की और समाज ने भी, शायद इस […]
Read moreछोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा
सामूहिक खेती से किसान कम जमीन मिलाकर खेती कर सकते हैं, उपज बढ़ा सकते हैं और गुजर-बसर की खेती से आगे बढ़ सकते हैं। शीर्षेंदु […]
Read moreसदियों तक चले जलवायु संकट की वजह से खत्म हुई सिंधु घाटी सभ्यता
4,450 साल पहले कई बार पड़ा सूखा, 0.5 डिग्री तक बढ़ा तापमान तो वर्षा में 10 से 20% तक की आई कमी जलवायु संकट नया […]
Read moreप्रदूषित जल से जन-जीवन पर संकट
इंदौर की चेतावनी कहानी सुनील कुमार महला कहां गया है कि ‘जल ही जीवन है।’ लेकिन जल किसी की जान ले लें तो यह बहुत […]
Read moreतबाही अकेले अरावली तक ही नहीं रुकती
“ हर कोई शिखर पर पहुंचना चाहता है, लेकिन पहाड़ की चोटी पर कोई विकास नहीं होता। घाटी में ही हम हरी-भरी घास और उपजाऊ […]
Read moreजब ग्रेप पाबंदी भी बेअसर हो !
दिल्ली एनसीआर को गैस चेम्बर में तब्दील होने का सबसे बड़ा कारण सड़कों पर राज करते वाहन हैं पंकज चतुर्वेदी दिल्ली की साँसों के संकट […]
Read more