ग्लेशियल झील, क्लाउडबर्स्ट और नियम-उल्लंघन पर वैज्ञानिक विश्लेषण अजय सहाय धारचूला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में समुद्र तल से लगभग 940 मीटर की ऊँचाई पर […]
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हिमालयी आपदाओं का बदलता पैटर्न
जलवायु परिवर्तन, पश्चिमी विक्षोभ और मानव हस्तक्षेप का संयुक्त संकट अजय सहाय उत्तरकाशी में आई हालिया आपदा का पैटर्न वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई […]
Read moreहिमालयी ढलानों पर वृक्षों की पकड़ कमजोर होने के वैज्ञानिक कारण
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का दो दशक का पर्यावरणीय विश्लेषण अजय सहाय उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दशकों में पेड़ों के धरती को […]
Read more…ताकि किश्तवाड़ और धराली जैसी आपदाओं से बचा जा सके !
अनियंत्रित निर्माण और प्राकृतिक आपदाएं सुनील कुमार महला दिन-ब-दिन प्रकृति मानव को अपना रौद्र रूप दिखा रही है। भूस्खलन हो, भू-धंसाव हो, बाढ़ हो(अतिवृष्टि), बादल […]
Read moreसुरक्षित पर्यटन और हिमालय संरक्षण
उत्तराखंड-हिमाचल के लिए चरणबद्ध, वैज्ञानिक और पर्यावरण-प्रथम नीति अजय सहाय उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे संवेदनशील हिमालयी राज्यों में पर्यटन (Tourism) एक प्रमुख आर्थिक आधार […]
Read moreग्लेशियर के प्रति लापरवाही महंगी पड़ रही हैं हिमालय को
ग्लोबल वार्मिंग या धरती का गरम होना पंकज चतुर्वेदी मौसम विभाग के आंकड़ों से यह तो साफ़ होता जा रहा हैं कि उत्तराखंड के धराली […]
Read moreएक फूल बचाने के लिए जंगल उगाने की कोशिश
फॉक्सटेल ऑर्किड मिथु गोगोई मैं एक किसान और पर्यावरण संरक्षक हूं और असम के जोरहाट जिले के एक छोटे से कस्बे तीताबोर में रहता हूं। […]
Read moreहिमालय की चेतावनी
नदी-नालों के किनारे बसी बस्तियों की आपदा संवेदनशीलता, क्लाउडबर्स्ट और वैज्ञानिक पुनर्विकास की आवश्यकता अजय सहाय भारत के हिमालयी क्षेत्र (उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम), अरावली […]
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