Tag: #भारतमेंजलसंकट

घटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख

घटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख

पंकज चतुर्वेदी देश के ताप बिजली घरों में एक पुरानी लेकिन लगातार गहराती समस्या फिर सुर्खियों में है — बॉयलर में जितना कोयला झोंका जाता […]

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क्यों कामयाब नहीं है नमामि गंगे परियोजना गंगा की  निर्मलता को नारों नहीं संकल्प की जरूरत

पंकज चतुर्वेदी आस्था के केंद्र बनारस में गंगा और उससे मिलने वाली  सहायक धाराओं – वरुणा  और असि में  पारंपरिक देशी मछलियों  का मरना, उनकी […]

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बगैर डल झील के कैसे जिएगा श्रीनगर ?

पंकज चतुर्वेदी अभी 08 मई को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एन.जी.टी.) ने कश्मीर में डल झील की ‘बिगड़ती स्थिति’ पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जम्मू-कश्मीर […]

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आखिर क्यों नहीं बन पाया तालाब प्राधिकरण?

पंकज चतुर्वेदी सन 2017 में उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन और भाजपा को विशाल बहुमत मिलने के अलग-अलग लोगों के अपने-अपने सरोकार बहुत थे, लेकिन […]

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जलविहीन होते जलाशय,आखिर क्यों…………………………..?

अखण्ड प्रताप सिंह देश की राजनीति, खेल, जनसंख्या में अपना अहम स्थान रखनें वाला उत्तर प्रदेश तेजी से जलविहीन हो रहा है जिसका मूल कारण […]

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युद्ध, जलवायु संकट और खेती का भविष्य

पवन नागर वर्तमान समय में दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ एक ओर विज्ञान और तकनीक नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं, […]

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शहरों की झीलों में माइक्रोप्लास्टिक का बढ़ता प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय बन गया है, जिसके मानव स्वास्थ्य और जलीय जीवन पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहे हैं। शोधों से पता चला है कि ये छोटे प्लास्टिक कण विभिन्न स्रोतों से झीलों तक पहुँच रहे हैं, और जलवायु परिवर्तन इस समस्या की गंभीरता को और बढ़ा रहा है। यह लेख इसी विषय पर हाल ही मे हुए शोध पर केंद्रित है । 

झीलों को बीमार कर रहा है माइक्रोप्लास्टिक पंकज चतुर्वेदी अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘एनवायर्नमेंटल साइंस: एडवांसेज’ के ताजे अंक में श्रीनगर की  डल झील में माइक्रोप्लास्टिक […]

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