हर प्रखंड के लिए अलग-अलग “भूजल प्रबंधन योजना” बनाना संभव हो पाता है। अजय सहाय भारत में आज का जल संकट केवल सतही जल की […]
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उथली नदियों में पानी का संकट – बिहार
बीते दो दशकों के दौरान बिहार में 4,425 पुल बने हैं। इन सबका मलबा नदियों में गिरा दिया गया। अवैध रेत खनन के अलावा नदियों […]
Read moreशहरी बाढ़ बनाम वर्षा जल प्रबंधन
वैश्विक सर्वोत्तम मॉडल के साथ भारत के लिए वैज्ञानिक समाधान अजय सहाय वर्ष 2025 में भारत के विभिन्न महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, […]
Read moreधरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी
राज्यों में भी जल विभागों का समन्वय न होना अजय सहाय भारत को हर वर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होता […]
Read moreपानी बचाने की क्रांति
भारतीय अनुभव और वैश्विक तकनीकों का मेल अजय सहाय भारत में सरकारी तालाबों की भूमिका वर्ष 2047 तक ‘जल आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति […]
Read moreछोटी-छोटी आदतें, बड़ी जल क्रांति
भारत में जल बचत का वैज्ञानिक मॉडल अजय सहाय छोटी-छोटी आदतों से पूरे भारत में जल बचत की क्रांति संभव है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की […]
Read moreपानी पंचायत
जल संकट समाधान की जनसहभागिता आधारित क्रांति और जल आत्मनिर्भर भारत 2047 का मार्गदर्शक मॉडल अजय सहाय पानी पंचायत की अवधारणा भारत के ग्रामीण क्षेत्रों […]
Read moreबारिश का हर कतरा कीमती: भूजल रिचार्ज की दिशा में भारत की चुनौती और समाधान
बारिश का हर कतरा कीमती अजय सहाय भारत में प्रतिवर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल गिरता है, किंतु इस अमूल्य जल संपदा […]
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