माइक्रोप्लास्टिक से बढ़ते हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर का खतरा अजय सहाय हर दिन इंसान जिस हवा में सांस ले रहा है, उसमें अब […]
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दिखता नहीं, पर घातक है: जीवन के हर कण में समाता माइक्रो प्लास्टिक
प्लास्टिक प्रकृति, जीवन और भविष्य-तीनों का दुश्मन सुनील कुमार महला प्लास्टिक पर्यावरण का मौन ज़हर है। यह हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित करता है, […]
Read moreकूड़ा हर दिन बढ़ती बड़ी समस्या
प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूकता अभियान अनुपमा तिवाड़ी आप ऑनलाइन कोई पुस्तक मँगवाएं। पुस्तक कई बार चौड़ी पारदर्शी टेप से पूरी तरह […]
Read moreपुरानी भारतीय पद्धतियों से प्लास्टिक मुक्ति की कल्पना होगी साकार
दुनिया के करीब 60 देशों ने प्लास्टिक की थैलियों और सिर्फ एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक के उत्पादन पर काबू पाने के लिए कानून बनाये है। ‘‘वनूआतू’’ नाम का छोटा सा देश एक बार इस्तेमाल होने वाले हर तरह के प्लास्टिक पर रोक लगाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। प्लास्टिक के कचरे की समस्या से निजात पाने के लिए प्लास्टिक की थैलियों के विकल्प के रूप में जूट या कपड़े से बने थैलों का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा किया जाना चाहिए। साथ ही प्लास्टिक कचरे का समुचित इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
Read moreखतरे में धरती
महात्मा गांधी विश्व में मुक्ति के महानतम और अलीक योद्धा रहे हैं। वह हर तरह के अभिशाप और विकार से मुक्ति के हिमायती थे। आज धरती प्रदूषण से मुक्ति की आकांक्षी है। गांधी का कहना था कि धरती सबकी जरूरतें पूरी कर सकती है, सबका लालच नहीं। उन्होंने कहा था- The earth, the land, the air and the water are not an inheritance from our forefathers but an loan from our children. So we have to handover to them at least as it was handed over to us.
क्या महात्मा के इस अमृत वाक्य में धरती को बचाने का मंत्र निहित नहीं है?