पंकज चतुर्वेदी लगभग 44 साल लगे नदियों को जोड़ने की संकल्पना को मूर्त रूप देने के प्रारब्ध में । इसके लिए चुना गया देश का […]
Read moreCategory: Rivers and Lakes (नदियाँ और झीलें)
“चीन का डैम: हथियार है या वाकई चीन की जरूरत ?”
सुनील कुमार महला हाल ही में चीन की जिनपिंग सरकार (कम्युनिस्ट सरकार) द्वारा अपनी सेना पीएलए के लिए 10 लाख कामकाजी ड्रोन के महाआर्डर देने […]
Read moreक्यों कामयाब नहीं है नमामि गंगे परियोजना
गंगा की निर्मलता को नारों नहीं संकल्प की जरूरत पंकज चतुर्वेदी आस्था के केंद्र बनारस में गंगा और उससे मिलने वाली सहायक धाराओं – वरुणा […]
Read moreआखिर कौन नही चाहता है नदी-तालाब जोड़
पंकज चतुर्वेदी बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में कोई 12 साल पहले सदा नीरा नदी से तालाबों को जोड़ने की बहुत काम लागत की योजना शुरू हुई थी । […]
Read moreअदालती तारीखों में बूढ़ा होता किशोर सागर
(धीरज चतुर्वेदी छतरपुर बुंदेलखंड) जब सारे देश में आजादी के 75 साल होने पर 68 हजार अमृत सरोवर बनाने का अभियान चल रहा था, तब […]
Read moreतालाबों के सामुदायिक प्रबंधन का पाठ पढ़ाते हैं ‘ऐरी’
पंकज चतुर्वेदी वहां कम बारिश होती है, इलाके की जमीन के भीतर के पानी में नमक ज्यादा है, यह बात वहां का समाज सदियों पहले […]
Read moreबाढ़, फैलाव और अविरलता से ही निर्मल होगी दिल्ली में यमुना
पंकज चतुर्वेदी दिल्ली में पूर्वाञ्चल प्रवासी छठ पर्व की तैयारी के लिए जब यमुना के तट पर गए तो वहाँ नदी को रसायनों से उपजे […]
Read moreप्रदेश में सक्रिय एसिड माफिया मरुधरा को बना रहा बंजर, जिम्मेदार मौन
पाली के आस-पास नदियों में डाला जा रहा है गुजरात का एसिड सुमेरपुर और पाली के पास नालों में एसिड बहाने की कई घटनाएं सामने […]
Read moreसंरक्षणः नदियों पर अतिक्रमण से देश की जल सुरक्षा खतरे में…
हाईकोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान, बोला… ऐसे तो कैप्सूल में ही दिखेगा पानी राज्य में सीएस और जिले में कलक्टर की अध्यक्षता की कमेटी बनाएं जयपुर […]
Read moreयमुनाऔरअन्य नदियों की दुर्गति क्यों ?
रोहित कौशिक दिल्ली में एक बार फिर युमना नदी में जहरीले झाग की सफेद चादर देखी गई है। हर साल अक्टूबर-नवम्बर में यमुदा नदी में […]
Read moreनदियों के किनारे कब्जा किनका….
अखबार में ये ऐसे समाचार दिखे जो पर्यावरण के क्षेत्र में सुखद अनुभूति देते हैं । क्या आपके आसपास भी ऐसे ही कुछ लोग – […]
Read more“ईश्वर” बताएगा पानीदार सोते-झरने का हाल
उत्तराखंड में सदियों से लोगों की प्यास बुझाते प्राकृतिक जल स्रोत अब खुद प्यासे हो रहे हैं. पहाड़ों से निकलकर शहरों तक पहुंचने वाले स्वच्छ और […]
Read more“डूबते हुए प्यासे शहर”
श्री पंकज चतुर्वेदी जी की पुस्तक इस पुस्तक के बारे में लेखिका सुश्री भारती पाठक के विचार जल जीवन है | सिर्फ मनुष्य ही नहीं […]
Read more‘भारत में जलवायु परिवर्तन’
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव न केवल वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है, बल्कि यह स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं को भी जन्म दे रहा है। यह […]
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