Category: Rivers and Lakes (नदियाँ और झीलें)

जलकुंभी संकट भारत की आर्द्रभूमियों पर सबसे बड़ा आक्रांता पौधा और उसका वैज्ञानिक-कानूनी समाधान

जलकुंभी संकट

भारत की आर्द्रभूमियों पर सबसे बड़ा आक्रांता पौधा और उसका वैज्ञानिक-कानूनी समाधान अजय सहाय भारत में जलकुंभी (Eichhornia crassipes) का संकट पिछले 120 वर्षों से […]

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आर्द्रभूमि संरक्षण न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा

आर्द्रभूमि संरक्षण

न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा अजय सहाय भारत की आर्द्रभूमियाँ (Wetlands), जिन्हें प्रकृति की किडनी कहा जाता है, देश की पर्यावरणीय […]

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आर्द्रभूमि पुनर्स्थापन की यात्रा स्वतंत्रता के बाद भारत में Wetlands क्षेत्र का राज्यवार विस्तार और वैश्विक मॉडल की साझी कहानी

आर्द्रभूमि पुनर्स्थापन की यात्रा

स्वतंत्रता के बाद भारत में Wetlands क्षेत्र का राज्यवार विस्तार और वैश्विक मॉडल की साझी कहानी अजय सहाय भारत में आर्द्रभूमियाँ (wetlands) जिन्हें प्रकृति की […]

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गंगा–यमुना का जीवित इकाई दर्ज़ा 25 वर्षों की न्यायिक, नीतिगत और पर्यावरणीय यात्रा

गंगा–यमुना का जीवित इकाई दर्ज़ा

25 वर्षों की न्यायिक, नीतिगत और पर्यावरणीय यात्रा अजय सहाय गंगा और यमुना नदियाँ भारतीय संस्कृति, सभ्यता, आस्था, कृषि और जीवनरेखा की प्रतीक मानी जाती […]

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बाढ़ मुक्त भारत का विज़न विज्ञान, संविधान और अंतरराष्ट्रीय मॉडल की राह

बाढ़ मुक्त भारत का विज़न

विज्ञान, संविधान और अंतरराष्ट्रीय मॉडल की राह अजय सहाय भारत के वर्तमान परिदृश्य में हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा, मानसून की अनियमितता, […]

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नमामि गंगे से आगे गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक

नमामि गंगे से आगे

गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक अजय सहाय गंगा नदी को भारत की आत्मा और संस्कृति की धुरी कहा जाता है, जिसे […]

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चीन का वेस्टर्न वॉटर डाइवर्ज़न मॉडल और भारत का थार

मरुस्थलीकरण से जल–आत्मनिर्भरता तक की दूरदर्शी दिशा अजय सहाय भारत एक विशाल भूगोल वाला देश है जिसकी नदियाँ, जलवायु और पारिस्थितिकी अत्यंत विविधतापूर्ण हैं; पूर्वोत्तर […]

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जलवायु परिवर्तन: पिघलते ग्लेशियर व बारिश ने 11,113 नदियों को बनाया खतरनाक एशिया की जीवनरेखा पर संकट

जलवायु परिवर्तन: पिघलते ग्लेशियर व बारिश ने 11,113 नदियों को बनाया खतरनाक

एशिया की जीवनरेखा पर संकट हिमालय, तिब्बत और पामीर क्षेत्र की 11,113 नदियों में जल प्रवाह तेजी से बढ़ा है। अध्ययन में पाया गया कि […]

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