न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा अजय सहाय भारत की आर्द्रभूमियाँ (Wetlands), जिन्हें प्रकृति की किडनी कहा जाता है, देश की पर्यावरणीय […]
Read moreCategory: Water (जल)
आर्द्रभूमि पुनर्स्थापन की यात्रा
स्वतंत्रता के बाद भारत में Wetlands क्षेत्र का राज्यवार विस्तार और वैश्विक मॉडल की साझी कहानी अजय सहाय भारत में आर्द्रभूमियाँ (wetlands) जिन्हें प्रकृति की […]
Read moreबचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र
वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 अजय सहाय भारत में जल संकट एक बहुआयामी चुनौती बन चुका है जिसे केवल […]
Read moreनमामि गंगे से आगे
गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक अजय सहाय गंगा नदी को भारत की आत्मा और संस्कृति की धुरी कहा जाता है, जिसे […]
Read moreचीन का वेस्टर्न वॉटर डाइवर्ज़न मॉडल और भारत का थार
मरुस्थलीकरण से जल–आत्मनिर्भरता तक की दूरदर्शी दिशा अजय सहाय भारत एक विशाल भूगोल वाला देश है जिसकी नदियाँ, जलवायु और पारिस्थितिकी अत्यंत विविधतापूर्ण हैं; पूर्वोत्तर […]
Read moreबाढ़ – प्राकृतिक आपदा या मानवजनित त्रासदी ?
बरसात, जो कभी वरदान कहलाती थी सुनील कुमार इस साल देशभर में बारिश बहुत ज्यादा कहर मचा रही है। जगह-जगह तबाही का आलम है।बरसात, जो […]
Read moreगणपति का स्वागत करें प्रकृति सहेज कर !
गणपति बप्पा मौर्या, मंगल मूर्ति मौर्या पंकज चतुर्वेदी कुछ ही दिनों में बारिश के बादल अपने घरों को लौटने वाले हैं । सुबह सूरज कुछ […]
Read moreक्लाउडबर्स्ट घटनाएँ और चरम वर्षा पैटर्न
जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिक कारण, आँकड़े और समाधान अजय सहाय क्लाउडबर्स्ट या बादल फटना एक ऐसी विनाशकारी घटना है जिसमें सीमित क्षेत्र (आमतौर पर 20–30 […]
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