भारत में पारंपरिक जल स्रोतों का महत्व अत्यंत प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है अजय सहाय भारत में पारंपरिक जल स्रोतों का महत्व अत्यंत […]
Read moreCategory: Water (जल)
नदियाँ बहती रहीं, सूखे बढ़ते रहे
भारत का अधूरा जल प्रबंधन सपना अजय सहाय भारत में प्रतिवर्ष औसतन 4000 अरब घन मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होने के बावजूद भी स्वतंत्रता […]
Read more10 वर्षों में असमान रही जुलाई की शुरुआती वर्षा
वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन मानते हैं इसकी बड़ी वजह, इस वर्ष 12 दिनों में रिकॉर्ड की गई 180 मिमी बारिश पिछले 10 वर्षों में जुलाई की […]
Read moreवैज्ञानिक बोलें केवल तकनीक नहीं, किसान और आमजन की आपसी सहयोग से बचेगा जल
वर्तमान दौर की सबसे बड़ी समस्या जलवायु परिवर्तन है अमनदिप नारायण सिंह जैसे की हम जानते हैं कि वर्तमान दौर की सबसे बड़ी समस्या जलवायु […]
Read moreजलवायु परिवर्तन और घटती वर्षा ऋतु
कम दिनों में अत्यधिक वर्षा का वैज्ञानिक विश्लेषण अजय सहाय वर्तमान समय में वैश्विक जलवायु परिवर्तन (Climate Change) भारतीय उपमहाद्वीप समेत पूरे विश्व के वर्षा […]
Read moreहिमाचल में बादल फटने की बढ़ती घटनाएँ
जलवायु परिवर्तन, मानवीय हस्तक्षेप और पर्यावरणीय असंतुलन का खतरनाक गठजोड़ अजय सहाय हाल के एक दशक में हिमाचल प्रदेश और समग्र हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों […]
Read moreनदी बचाओ, जीवन बचाओ
भारत की नदियों का भविष्य अजय सहाय नदी बचाओ, जीवन बचाओ: भारत की नदियों का भविष्य विषय पर जब हम बात करते हैं तो यह […]
Read moreबादलों के घर कहे जाने वाले मेघालय में 1 जून से 5 जुलाई तक 48 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई
सामान्य औसत 873.1 मिमी की तुलना में केवल 453.3 मिमी हुई है वर्षा मेघालय में चालू मानसून के दौरान कम वर्षा दर्ज की गई। जबकि […]
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