हर साल एक फीसदी घट रहा है असम
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreवैशाख में करें सावन की तैयारी पंकज चतुर्वेदी प्रकृति कभी इंसान को निराश नहीं करती जबकि इंसान ने हर समय प्रकृति के उपभोग के बनिस्पत […]
Read moreबुध हो कर अंतिम साँसे ले रहा है किशोर सागर पंकज चतुर्वेदी मध्य प्रदेश में इन दिनों राज्य सरकार का “जल गंगा संवर्धन अभियान” चल रहा […]
Read moreधरती माता को बुखार, है कोई सुनने वाला! जयराम शुक्ल इस साल धरतीमाता को पूरे साल सर्द-गरम रहा। जब हम धूप की उम्मीद करते तो […]
Read moreसिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती रोहित कौशिक यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि आज धरती को बचाने के लिए भाषणबाजी तो बहुत होती है लेकिन […]
Read moreजलवायु परिवर्तन की मूल अवधारणाओं को सीखेंगे अन्ना विश्वविद्यालय के छात्र अन्ना विश्वविद्यालय ने स्नातक (यूजी) छात्रों को जलवायु अनुकूल विकास कार्यक्रम के तहत जलवायु […]
Read moreतापमान में दो डिग्री वृद्धि तो बढ़ेंगे कीट, गेहूं की 46% और धान की 19 फीसदी पैदावार घटेगी अगर तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की […]
Read moreकंक्रीट के जंगल को ठंढा रखने के लिए गर्म होता भारत अरुण चन्द्र राय मार्च का महिना इस साल पिछले दस सालों में सबसे गरम […]
Read moreखूब बरसेगा मानसून, जल-नियोजन जरूरी ! सुनील कुमार महला हाल ही में आईएमडी (भारतीय मौसम विभाग) ने यह जानकारी दी है कि इस बार देश […]
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