हर साल एक फीसदी घट रहा है असम
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreजब दिल्ली में यमुना लबालब होती है तो यहाँ के नाले- कारखाने उसमें इतना जहर घोलते हैं कि नदी सारे रास्ते हाँफती है और जब पानी का संकट खड़ा होता है तो नदी की याद आती है । यह हाल केवल दिल्ली का नहीं, देश के लगभग सभी बड़े शहरों का है । अपने तालाबों पर मिट्टी डाल कर कंक्रीट से तन गया बैंगलुरु तो ’केपटाउन’ की तरह जल-शून्य की चेतावनी से बहाल है और अभी पंद्रह दिन में जब मानसून आएगा तो शहर जल भराव के चलते ठिठक जाएगा ।
Read moreसुनील कुमार महला सोशल नेटवर्किंग साइट्स के फायदे भी बहुत हैं। हाल ही में फेसबुक पर राजस्थान के एक स्थानीय यू-ट्यूब रील्स कलाकार(कामेडियन) की एक […]
Read moreरिवर से सीवर बन गई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख और यमुना की महत्वपूर्ण सहायक नदी हिंडन को फिर से जीवन देने के लिए नागरिक […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी रामनवमी की सुबह से ही दिल्ली में यमुना पर सफेद झाग छाए थे । थोड़ा करीब से देखा तो पानी निपट काला था […]
Read moreसुनील कुमार महला उत्तर भारत में गर्मी अभी से कहर बरसाने लगी है जबकि अभी अप्रैल माह की शुरुआत ही हुई है। पाठकों को बताता […]
Read moreसुनील कुमार महला पेड़ हमारे पर्यावरण, हमारे पारिस्थितिकी तंत्र,मानव व धरती के समस्त प्राणियों, वनस्पतियों को बनाए रखने के लिए बहुत आवश्यक है। कहना ग़लत […]
Read moreपंकज चतुर्वेदी पंजाब के सुदूर गाँव की रहने वाली इस युवती ने हिन्दी में पी एचडी किया और दिल्ली के प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान में काम […]
Read moreहिंदी में तकनीकी पुस्तक लेखन पुरस्कार योजना वर्ष 2024 जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के […]
Read more