हर साल एक फीसदी घट रहा है असम
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreहिंडन जल बिरादरी इंसान के लालच, लापरवाही ने हिंडन को ‘हिडन’ बना दिया है लेकिन जब नदी अपना रौद्र रूप दिखाती है तब मानव जाति […]
Read moreलू अर्थात हीट वेव आमतौर पर रुकी हुई हवा की वजह से होती है। उच्च दबाव प्रणाली हवा को नीचे की ओर ले जाती है। यह शक्ति जमीन के पास हवा को बढ़ने से रोकती है।
Read moreअब शहरों में पेड़ हमें पार्क, बड़ी सोसाइटी के लॉन या सार्वजनिक जगहों पर मिलेंगे। पिछले कुछ वर्षों में शहर में सुंदरता के नाम पर फुटपाथ पक्के किए जा रहे हैं, नालियों को पाटा जा रहा है। अपने घरों में लोग गेट तक फर्श पक्का करवा रहे हैं जिससे घर में मिट्टी नहीं आए, पेड़ों से पत्ते नहीं गिरें।
Read moreहालांकि एट्रोपिन का इस्तेमाल ऑर्गेनोफॉस्फोरस विषाक्तता के लिए एक मारक है, लेकिन आश्चर्यजनक यह है कि किसी भी बीमार या मारे गए लोगों के शरीर में ऑर्गेनोफॉस्फोरस विषाक्तता के कोई लक्षण दिखे नहीं । अब मौत का कारण जिस क्लोरफेनापायर को कहा जा रहा है , उसका यहाँ दूर दूर तक कोई इस्तेमाल करता नहीं ।
Read moreसुनील कुमार महला प्लास्टिक मनुष्य से लेकर धरती के समस्त जीवों, हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी के लिए एक प्रकार से ज़हर है। आज देश-दुनिया को […]
Read moreजल संकट का एकमात्र समाधान विकास परसराम मेश्राम जल मनुष्य के जीवन का मूल आधार है। धरती पर हर जीव का अस्तित्व जल पर निर्भर […]
Read moreतेलंगाना दक्कन के पठार के मध्य में स्थित है जहाँ बहुत सारी लहरें, पहाड़ियाँ, नदियाँ, नाले, धाराएँ आदि पाई जाती हैं । तेलंगाना क्षेत्र में […]
Read moreसुनील कुमार महला, फ्रीलांस राइटर भौगोलिक दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है, जबकि जनसंख्या के दृष्टिकोण से आज के समय दुनिया […]
Read more