तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व अजय सहाय भारत की पारंपरिक जल-संस्कृति में तालाब (पोंड/टैंक) हजारों वर्षों से ग्रामीण जल प्रबंधन का आधार […]
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गंगा से गोदावरी तक: ‘डूबते’ डेल्टा और संकट में भारत का भविष्य
भारत के प्रमुख नदी डेल्टा और उनके किनारे तेजी से डूब रहे हैं पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियां वास्तव में करोड़ों लोगों के लिए जीवनदायिनी […]
Read moreभारत में 45 करोड़ लीटर ईंधन की रोज़ाना खपत
प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और हरित ऊर्जा की वैज्ञानिक आवश्यकता अजय सहाय भारत में प्रतिदिन लगभग 10 करोड़ लीटर पेट्रोल और 35 करोड़ लीटर डीज़ल का […]
Read moreहर सांस में प्लास्टिक
माइक्रोप्लास्टिक से बढ़ते हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर का खतरा अजय सहाय हर दिन इंसान जिस हवा में सांस ले रहा है, उसमें अब […]
Read moreपंचायती राज संस्थान जल सुरक्षा को तेजी से सुनिश्चित कर सकते हैं
जल प्रबंधन के स्थायी समाधानों की योजना बनाने और उन्हें सबसे उपयुक्त तरीके से ज़मीन पर लागू करने में स्थानीय सरकारें सबसे कारगर हो सकती […]
Read moreक्या है जल सुरक्षा: भारत की चुनौतियां और समाधान
किसी भी देश की सुरक्षा सिर्फ़ उसकी सीमाओं से संबंधित कारकों पर ही निर्भर नहीं होती। पानी जैसे संसाधनों की स्थिति भी सुरक्षा को प्रभावित […]
Read moreनदियों की कहानी, समुदायों की ज़ुबानी : पूर्वोत्तर जनस्मृति का डिजिटल अभिलेख
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच, नदी किनारे बसे समुदाय मेमोरी मैप्स, ऑडियो नोट्स और तस्वीरों के माध्यम से मौखिक इतिहास और पारंपरिक अनुकूलन रणनीतियों […]
Read moreमिजोरम में शिकार की परंपरा को चुनौती देता एक बर्डवॉचिंग फेस्टिवल
हर वर्ष आइजोल के साइलाम बर्ड सैंक्चुअरी में आयोजित होने वाला सीएससी एक सप्ताह तक चलने वाला एक पक्षी गणना अभियान है। ललओमोईया साइलो मिजोरम […]
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