कृत्रिम प्रकाश की उपस्थिति में, जुगनुओं को तेज रोशनी करने की कोशिश में पंकज चतुर्वेदी पिछले महीने महाराष्ट्र के पुरुषवाड़ी , भंडारदरा , राजमाची , प्रबलमाची ,कर्जत जैसे स्थानों […]
Read moreTag: #पर्यावरण
आस्था से जल संरक्षण तक
भारत के धार्मिक स्थलों पर जल पुनर्भरण और रीसायक्लिंग की वैज्ञानिक क्रांति अजय सहाय भारत के धार्मिक स्थलों पर जल का उपयोग एक पवित्र अनुष्ठान […]
Read moreजलवायु संकट से बच्चों की पढ़ाई और सीखने पर मंडराया खतरा
जन्म से पहले और शुरू के वर्षों में गर्मी झेलने वाले बच्चों की स्कूली पढ़ाई होती है कम जो बच्चे छोटी उम्र में गर्मी की […]
Read moreवर्का वाटर
वायुमंडलीय नमी से जल आत्मनिर्भर भारत की ओर एक वैज्ञानिक नवाचार अजय सहाय “वर्का वाटर: भारत में वायुमंडलीय जल संग्रहण की एक वैज्ञानिक संभावना और […]
Read moreधरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी
राज्यों में भी जल विभागों का समन्वय न होना अजय सहाय भारत को हर वर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होता […]
Read moreस्वास्थ्य और पर्यावरण पर वार
एल्युमिनियम फॉयल ढक्कनों का सच प्रफुल्ल सक्सेना बाजार में मिलने वाले दही, श्रीखंडऔर अन्य खाद्य उत्पादों पर एक चमचमाता गोल आकार का एल्यूमिनियम फॉयल से […]
Read moreग्लेशियर पर्यटन (Glacier Tourism) और इसका प्रभाव
हमें Glacier Tourism को केवल “आर्थिक अवसर” के रूप में नहीं बल्कि “पारिस्थितिक जिम्मेदारी” के रूप में देखना होगा अजय सहाय ग्लेशियर पर्यटन (Glacier Tourism) […]
Read more“ज़हरीली हवा — कब तक जीवन साँस ले पाएगा?”
महानगरों की चमक, औद्योगिक प्रगति और निरंतर बढ़ते वाहन सुनीता बंसल हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ सांस लेना भी अब सुरक्षित […]
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