भारतीय अनुभव और वैश्विक तकनीकों का मेल अजय सहाय भारत में सरकारी तालाबों की भूमिका वर्ष 2047 तक ‘जल आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति […]
Read moreTag: #भारतमेंजलसंकट
छोटी-छोटी आदतें, बड़ी जल क्रांति
भारत में जल बचत का वैज्ञानिक मॉडल अजय सहाय छोटी-छोटी आदतों से पूरे भारत में जल बचत की क्रांति संभव है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की […]
Read moreपानी पंचायत
जल संकट समाधान की जनसहभागिता आधारित क्रांति और जल आत्मनिर्भर भारत 2047 का मार्गदर्शक मॉडल अजय सहाय पानी पंचायत की अवधारणा भारत के ग्रामीण क्षेत्रों […]
Read moreबारिश का हर कतरा कीमती: भूजल रिचार्ज की दिशा में भारत की चुनौती और समाधान
बारिश का हर कतरा कीमती अजय सहाय भारत में प्रतिवर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल गिरता है, किंतु इस अमूल्य जल संपदा […]
Read moreजल निधियों को उजाड़ने से प्यासे हैं शहर
जब दिल्ली में यमुना लबालब होती है तो यहाँ के नाले- कारखाने उसमें इतना जहर घोलते हैं कि नदी सारे रास्ते हाँफती है और जब पानी का संकट खड़ा होता है तो नदी की याद आती है । यह हाल केवल दिल्ली का नहीं, देश के लगभग सभी बड़े शहरों का है । अपने तालाबों पर मिट्टी डाल कर कंक्रीट से तन गया बैंगलुरु तो ’केपटाउन’ की तरह जल-शून्य की चेतावनी से बहाल है और अभी पंद्रह दिन में जब मानसून आएगा तो शहर जल भराव के चलते ठिठक जाएगा ।
Read moreसमाज की सहभागिता के बगैर सफल नहीं होगी हर घर जल योजना
पंकज चतुर्वेदी प्यास और पलायन के लिए कुख्यात बुंदेलखंड के गाँव-गाँव में बीते दो महीनों से आम लोगों का एक बाल्टी पानी के लिए भुनसारे […]
Read moreसंरक्षणः नदियों पर अतिक्रमण से देश की जल सुरक्षा खतरे में…
हाईकोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान, बोला… ऐसे तो कैप्सूल में ही दिखेगा पानी राज्य में सीएस और जिले में कलक्टर की अध्यक्षता की कमेटी बनाएं जयपुर […]
Read moreजलवायु परिवर्तन और जल संकट पर प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण ही एकमात्र समाधान
विकास परसराम मेश्राम जल संकट केवल हमारे देश की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आज दुनिया की 26 […]
Read moreबाढ़, फैलाव और अविरलता से ही निर्मल होगी दिल्ली में यमुना
पंकज चतुर्वेदी सावन बीत गया , भादों भी आधा निकल गया दिल्ली और उसके आसपास यमुना नदी के जल-ग्रहण क्षेत्र कहलाने वाले इलाकों में पर्याप्त […]
Read moreहमारे अस्तित्व से जुड़ा है जल प्रबंधन
भारत को 6 जलक्षेत्रों (इसे मैं जल राज्य कहूंगा) में विभाजित किया है और सीमाओं का निर्धारण कर डिजिटल मैप विकसित किए हैं। इन 6 जल क्षेत्रों को 37 बेसिन, 117 कैचमेंट एरिया, 588 सबकैचमेंट एरिया, 3854 वाटरशेड, 49618 सब-वाटरशेड और कुल 3 लाख 21 हजार 324 माइक्रोवाटरशेड में बांटकर हर एक का जमीनी चिन्हांकन करके उसका एक यूनिक नेशनल कोड जारी किया है।
Read moreफिर पानी के प्रति इतनी बेपरवाही क्यों ?
पानी पीने के अलावा शौच, स्नान, कपड़े धोना, खाना बनाना, साफ-सफाई करना और अपने वाहनों को धोना आदि कामों में इस्तेमाल किया जाता है। पानी के बगैर जिंदगी की कल्पना नहीं की जा सकती ।
Read moreजीवनदायिनी गंगा को संजीवनी मिलना बहुत जरूरी
सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 31 में नदियों का प्रवाह प्रदूषित है।
Read moreजल सहेजने की आदत डालनी होगी
भारतीय नदियों के मार्ग से हर साल 1645 घन किलोलीटर पानी बहता है जो सारी दुनिया की कुल नदियों का 4.445 प्रतिषत है। देश के उत्तरी हिस्से में नदियो में पानी का अस्सी फीसदी जून से सितंबर के बीच रहता है, दक्षिणी राज्यों में यह आंकडा 90 प्रतिषत का है।
Read moreखतरे में हैं बुरहानपुर के जल-भंडारे
आज भी यहां के पानी के पीएच कीमत 7.2 से 7.5 है जोकि एक उच्च स्तर के मिनरल वाटर का मानक है। लेकिन खुले कुडों के पास चूने के कारखाने लगने से प्रणाली के पानी की पवित्रता भी प्रभावित हुई है। कुंडों के आसपास लोगों का रहना बढ़ता गया है।
Read more