Tag: #भारत

आर्द्रभूमि संरक्षण न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा

आर्द्रभूमि संरक्षण

न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा अजय सहाय भारत की आर्द्रभूमियाँ (Wetlands), जिन्हें प्रकृति की किडनी कहा जाता है, देश की पर्यावरणीय […]

Read more
बचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047

बचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र

वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 अजय सहाय भारत में जल संकट एक बहुआयामी चुनौती बन चुका है जिसे केवल […]

Read more
उत्तराखंड की नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी उच्च न्यायालय और ट्रिब्यूनल के सख्त फैसले, नदियों-नालों के किनारे विकास पर रोक और आपदा से बचाव का वैज्ञानिक दृष्टिकोण

उत्तराखंड की नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी

उच्च न्यायालय और ट्रिब्यूनल के सख्त फैसले, नदियों-नालों के किनारे विकास पर रोक और आपदा से बचाव का वैज्ञानिक दृष्टिकोण अजय सहाय उत्तराखंड की संवेदनशील […]

Read more
बाढ़ मुक्त भारत का विज़न विज्ञान, संविधान और अंतरराष्ट्रीय मॉडल की राह

बाढ़ मुक्त भारत का विज़न

विज्ञान, संविधान और अंतरराष्ट्रीय मॉडल की राह अजय सहाय भारत के वर्तमान परिदृश्य में हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा, मानसून की अनियमितता, […]

Read more
हिमालयी महाप्रलय जलवायु परिवर्तन, चरम वर्षा और ग्लेशियर संकट का वैज्ञानिक विश्लेषण (2010–2025)

हिमालयी महाप्रलय

जलवायु परिवर्तन, चरम वर्षा और ग्लेशियर संकट का वैज्ञानिक विश्लेषण (2010–2025) अजय सहाय हिमालय जिसे “तीसरा ध्रुव” (Third Pole) कहा जाता है, इस शताब्दी की […]

Read more
खेती और ज़मीन, पहाड़ और खनन

खेती और ज़मीन, पहाड़ और खनन

भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ कपिल मेवाड़ा भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ हैं। खेती हमारी खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की […]

Read more
नमामि गंगे से आगे गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक

नमामि गंगे से आगे

गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक अजय सहाय गंगा नदी को भारत की आत्मा और संस्कृति की धुरी कहा जाता है, जिसे […]

Read more

चीन का वेस्टर्न वॉटर डाइवर्ज़न मॉडल और भारत का थार

मरुस्थलीकरण से जल–आत्मनिर्भरता तक की दूरदर्शी दिशा अजय सहाय भारत एक विशाल भूगोल वाला देश है जिसकी नदियाँ, जलवायु और पारिस्थितिकी अत्यंत विविधतापूर्ण हैं; पूर्वोत्तर […]

Read more