भारत के शहरी जलभराव का वैज्ञानिक, भौगोलिक और नीतिगत विश्लेषण अजय सहाय सितंबर 2025 से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक भारत के लगभग सभी प्रमुख […]
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पेरिस जलवायु समझौता हुआ नाकाम
जीवाश्म ईंधन के उत्पादन को कई देश दे रहे हैं बढ़ावा प्रमोद भार्गव संदर्भ- एसईआई और यूएनईपी की रिपोर्ट के अनुसार जीवाश्म ईंधन का बढ़ […]
Read moreमौसम से बचे तो सड़क पर कसैला होता कश्मीर का सेब
इस साल कश्मीर का सेब दिल्ली तक रेल से लाने का प्रयोग पंकज चतुर्वेदी बीते कुछ सालों से जलवायु परिवर्तन की मार से बेहाल धरती […]
Read moreविशेषीकृत आपदा विज्ञान विभाग
ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु परिदृश्य में राज्यों की नई आवश्यकता अजय सहाय पिछले कुछ दशकों में बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु पैटर्न ने […]
Read moreनए भारत के लिए नई हिमालयी राजनीति
विज्ञान, भूगर्भ और वैश्विक अनुभवों का समन्वय अजय सहाय हिमाचल प्रदेश और पूरे भारतीय हिमालयी क्षेत्र की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यहाँ के […]
Read moreरिवर फ्रंट: नदी, नियोजन और पर्यावरणीय सरोकार
किसी भी राज्य में रिवर फ्रंट से जुड़ी गतिविधियों की शुरुआत से पहले वहां की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय लोगों को भरोसे में लेना भी […]
Read moreहिमालयी ऑल-वेदर रोड
विकास और आपदा के बीच 5–7 मीटर का संतुलन अजय सहाय हिमालय में 5 से 7 मीटर चौड़ी ऑल-वेदर सड़क निर्माण का प्रश्न केवल विकास […]
Read moreहिमालय पार करता मानसून
भारतीय आपदाएँ, वैश्विक जलवायु और जल आत्मनिर्भरता की दिशा अजय सहाय हिमालय और मानसून का संबंध केवल भारतीय उपमहाद्वीप तक सीमित नहीं है बल्कि यह […]
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