Tag: #पर्यावरण

खेती और ज़मीन, पहाड़ और खनन

खेती और ज़मीन, पहाड़ और खनन

भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ कपिल मेवाड़ा भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ हैं। खेती हमारी खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की […]

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जलवायु परिवर्तन और भारतीय मत्स्य उद्योग का पतन

जलवायु परिवर्तन और भारतीय मत्स्य उद्योग का पतन

भारतीय मछुआरे घटती मछली संख्या और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की दोहरी मार झेल रहे हैं, जो मछलियों को ठंडे और गहरे पानी की ओर […]

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युवा और नाजुक हिमालय पर पर्यटन का दबाव भूगर्भीय सहनशीलता, भार वहन क्षमता और वैज्ञानिक चेतावनी

युवा और नाजुक हिमालय पर पर्यटन का दबाव

भूगर्भीय सहनशीलता, भार वहन क्षमता और वैज्ञानिक चेतावनी अजय सहाय हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्य हाल ही में बने युवा हिमालय (Newly Himalayan Range) […]

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जब जीवनदायी पेड़ हो जाते हैं जानलेवा

जब जीवनदायी पेड़ हो जाते हैं जानलेवा

शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण भी पेड़ों के लिए  बड़ा खतरा है पंकज चतुर्वेदी जश्ने आज़ादी की पूर्व संध्या पर जब तगड़ी बरसात हो रही […]

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चीन का वेस्टर्न वॉटर डाइवर्ज़न मॉडल और भारत का थार

मरुस्थलीकरण से जल–आत्मनिर्भरता तक की दूरदर्शी दिशा अजय सहाय भारत एक विशाल भूगोल वाला देश है जिसकी नदियाँ, जलवायु और पारिस्थितिकी अत्यंत विविधतापूर्ण हैं; पूर्वोत्तर […]

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बाढ़: प्राकृतिक आपदा या मानवजनित त्रासदी ?

बाढ़ – प्राकृतिक आपदा या मानवजनित त्रासदी ?

बरसात, जो कभी वरदान कहलाती थी सुनील कुमार इस साल देशभर में बारिश बहुत ज्यादा कहर मचा रही है। जगह-जगह तबाही का आलम है।बरसात, जो […]

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ग्रामीण कचरा प्रबंधन के मिथक कचरा प्रबंधन से जुड़ी रणनीतियां

ग्रामीण कचरा प्रबंधन के मिथक

कचरा प्रबंधन से जुड़ी रणनीतियां आरती सचदेवा भारत की 64% आबादी गांवों में रहती है। फिर भी सरकारों और नीति-निर्माताओं द्वारा कचरे की समस्या को […]

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गणपति का स्वागत करें प्रकृति सहेज कर !

गणपति का स्वागत करें प्रकृति सहेज कर !

गणपति बप्पा मौर्या, मंगल मूर्ति मौर्या पंकज चतुर्वेदी कुछ ही दिनों में बारिश के बादल अपने घरों को लौटने वाले हैं । सुबह सूरज कुछ […]

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