Author: indiaclimatechange

2047 तक सुरक्षित पेयजल में 25% वृद्धि भारत का वैज्ञानिक और वैश्विक विज़न

2047 तक सुरक्षित पेयजल में 25% वृद्धि

भारत का वैज्ञानिक और वैश्विक विज़न अजय सहाय दुनिया में पानी बहुत है लेकिन पीने योग्य पानी बहुत कम है क्योंकि पृथ्वी के पूरे जल […]

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नवीन वलित पर्वत दुनिया के सबसे ख़तरनाक भूभाग और नया भूकंप मानचित्र

नवीन वलित पर्वत

दुनिया के सबसे ख़तरनाक भूभाग और नया भूकंप मानचित्र सुनील कुमार महला भूकंप की दृष्टि से हमारा देश बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में आता है।इस […]

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कॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है

कॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है

सामुदायिक संसाधनों पर चर्चा और जागरुकता बनाए रखने के लिए ग्राम-सभाओं को सशक्त बनाना और उनके एजेंडे को कॉमन्स और समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित […]

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भारत में आर्सेनिक संकट: हिमालयी भू–रसायन, गंगा मैदानी तलछट और मानव स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

भारत में आर्सेनिक संकट: हिमालयी भू–रसायन, गंगा मैदानी तलछट और मानव स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

WHO, भारत सरकार और वैज्ञानिक रिकॉर्ड के आधार पर 2047 का विज़नरी विश्लेषण अजय सहाय विश्व स्तर पर वैज्ञानिकों और भारत सरकार के जल विशेषज्ञों […]

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दूषित झील कब्रगाह बनी मेहमान पंछियों के लिए

दूषित झील कब्रगाह बनी मेहमान पंछियों के लिए

भारत की सबसे विशाल खारे पानी की झील ‘सांभर’ पंकज चतुर्वेदी इस साल तो प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू ही हुआ था कि […]

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भूजल तकनीकें, भूजल संकट और 2047 जल आत्मनिर्भर भारत में इनकी भूमिका

भूजल तकनीकें, भूजल संकट और 2047 जल आत्मनिर्भर भारत में इनकी भूमिका

हर प्रखंड के लिए अलग-अलग “भूजल प्रबंधन योजना” बनाना संभव हो पाता है। अजय सहाय भारत में आज का जल संकट केवल सतही जल की […]

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कॉप-30 सम्मेलन वक्त कम, अपेक्षाओं का है अंबार !

कॉप-30 सम्मेलन

वक्त कम, अपेक्षाओं का है अंबार ! सुनील कुमार महला ब्राजील के बेलेम में 10 नवंबर से 21 नवंबर 2025 तक आयोजित  संयुक्त राष्ट्र जलवायु […]

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स्रोत – ईबर्ड

पक्षी के लिए  सायलेंट ज़ोन

अमूर बाज बाज़ परिवार का एक छोटा प्रवासी पक्षी पंकज चतुर्वेदी यह सुनना कितना सुखद है कि सुदूर नागालैंड वोखा जिले के को दो महीने […]

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