भारत का वैज्ञानिक और वैश्विक विज़न अजय सहाय दुनिया में पानी बहुत है लेकिन पीने योग्य पानी बहुत कम है क्योंकि पृथ्वी के पूरे जल […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
नवीन वलित पर्वत
दुनिया के सबसे ख़तरनाक भूभाग और नया भूकंप मानचित्र सुनील कुमार महला भूकंप की दृष्टि से हमारा देश बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में आता है।इस […]
Read moreकॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
सामुदायिक संसाधनों पर चर्चा और जागरुकता बनाए रखने के लिए ग्राम-सभाओं को सशक्त बनाना और उनके एजेंडे को कॉमन्स और समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित […]
Read moreभारत में आर्सेनिक संकट: हिमालयी भू–रसायन, गंगा मैदानी तलछट और मानव स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
WHO, भारत सरकार और वैज्ञानिक रिकॉर्ड के आधार पर 2047 का विज़नरी विश्लेषण अजय सहाय विश्व स्तर पर वैज्ञानिकों और भारत सरकार के जल विशेषज्ञों […]
Read moreदूषित झील कब्रगाह बनी मेहमान पंछियों के लिए
भारत की सबसे विशाल खारे पानी की झील ‘सांभर’ पंकज चतुर्वेदी इस साल तो प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू ही हुआ था कि […]
Read moreभूजल तकनीकें, भूजल संकट और 2047 जल आत्मनिर्भर भारत में इनकी भूमिका
हर प्रखंड के लिए अलग-अलग “भूजल प्रबंधन योजना” बनाना संभव हो पाता है। अजय सहाय भारत में आज का जल संकट केवल सतही जल की […]
Read moreकॉप-30 सम्मेलन
वक्त कम, अपेक्षाओं का है अंबार ! सुनील कुमार महला ब्राजील के बेलेम में 10 नवंबर से 21 नवंबर 2025 तक आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु […]
Read moreपक्षी के लिए सायलेंट ज़ोन
अमूर बाज बाज़ परिवार का एक छोटा प्रवासी पक्षी पंकज चतुर्वेदी यह सुनना कितना सुखद है कि सुदूर नागालैंड वोखा जिले के को दो महीने […]
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