इंदौर की चेतावनी कहानी सुनील कुमार महला कहां गया है कि ‘जल ही जीवन है।’ लेकिन जल किसी की जान ले लें तो यह बहुत […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
तबाही अकेले अरावली तक ही नहीं रुकती
“ हर कोई शिखर पर पहुंचना चाहता है, लेकिन पहाड़ की चोटी पर कोई विकास नहीं होता। घाटी में ही हम हरी-भरी घास और उपजाऊ […]
Read moreजब ग्रेप पाबंदी भी बेअसर हो !
दिल्ली एनसीआर को गैस चेम्बर में तब्दील होने का सबसे बड़ा कारण सड़कों पर राज करते वाहन हैं पंकज चतुर्वेदी दिल्ली की साँसों के संकट […]
Read moreजब समुदाय जागा, तो बदली तक़दीर ,जल संकट पर हलमा की पहल
पानी की कमी के कारण फसलों की सिंचाई नहीं विकास परसराम मेश्राम रतलाम जिले के बजाना तहसील में स्थित घोड़ाखेडा, बगली, रामपुरिया और धावड़ादेह गांवों […]
Read moreसतत विकास: समृद्धि और संरक्षण का साझा मार्ग !
अरावली को केवल पहाड़ियों की एक भौगोलिक श्रृंखला मानना भूल होगी सुनील कुमार महला अरावली पहाड़ियों की जिस परिभाषा को पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट ने […]
Read moreआखिर क्या गुल खिलाएगी दक्षिण भारत में अप्रत्याशित ठंड
हाल के वर्षों में ठंड के मौसम में उत्तरी हवाओं के असामान्य रूप से गहरे प्रवेश पंकज चतुर्वेदी कर्नाटक के हुबली -धारवाड़ में कभी स्वेटर […]
Read moreदेवदार से गंगा तक
हिमालयी वनों की जैव-रासायनिक शक्ति, बैक्टीरियोफेज विज्ञान और गंगा की स्व-शुद्धिकरण क्षमता पर विकास का प्रभाव अजय सहाय हिमालय की गोद में स्थित देवदार (Cedrus […]
Read moreअरावली बनाम तथाकथित विकास: प्रकृति के शोषण की कीमत
जलवायु और वर्षा संतुलन,भूमि क्षरण और बाढ़ नियंत्रण,वायु प्रदूषण से सुरक्षा के साथ ही अरावली कृषि और मानव जीवन का भी प्रमुख आधार सुनील कुमार […]
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