वार्षिक शिखर सम्मेलन उन देशों को एक साथ लाता है, जिन्होंने 1992 की संयुक्त राष्ट्र जलवायु संधि, जो कि 3 जून 1992 को रियो डी […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
जलवायु संकट से सुरक्षित भविष्य बनाने में समुदाय क्या भूमिका निभा सकते हैं?
जलवायु प्रयासों में अक्सर स्थानीय समुदायों और साझा संसाधनों की भूमिका अनदेखी रह जाती है जबकि इन्हें शामिल करना सामाजिक और न्यायिक नजरिए से जरूरी […]
Read moreजल-जंगल-जमीन से जुड़ी शब्दावली में क्या-क्या शामिल है?
वन और पर्यावरण से जुड़े अधिकारों के विभिन्न पहलुओं से संबंधित महत्वपूर्ण शब्द, जो भारतीय वन अधिकार और अन्य कानूनों को समझने में मददगार हैं। […]
Read moreउथली नदियों में पानी का संकट – बिहार
बीते दो दशकों के दौरान बिहार में 4,425 पुल बने हैं। इन सबका मलबा नदियों में गिरा दिया गया। अवैध रेत खनन के अलावा नदियों […]
Read moreअन्न ब्रह्म है
अन्न की बर्बादी, एक नैतिक अपराध। सुनील कुमार महला अन्न हमारे जीवन का आधार है। यह न केवल शरीर को ऊर्जा देता है, बल्कि जीवन […]
Read moreबदलती जलवायु, बिगड़ता स्वास्थ्य
2025 की भयावह तस्वीर । सुनील कुमार महला प्रदूषण अब केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य आपातकाल बन चुका है। इस संदर्भ में ‘द लैंसेट […]
Read moreमध्य प्रदेश के आदिवासी, जंगलों की आग रोकने के लिए परंपराएं तक छोड़ रहे हैं
मध्य प्रदेश, जंगल की आग से प्रभावित राज्यों में तीसरे स्थान पर आता है लेकिन अब आदिवासियों और वन विभाग के साझा प्रयास स्थिति को […]
Read moreकूड़ा हर दिन बढ़ती बड़ी समस्या
प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूकता अभियान अनुपमा तिवाड़ी आप ऑनलाइन कोई पुस्तक मँगवाएं। पुस्तक कई बार चौड़ी पारदर्शी टेप से पूरी तरह […]
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