Category: Agriculture and Land (खेती और ज़मीन)

बेमौसम बारिश का कहर: किसानों की मेहनत पर प्रकृति की मार ।

बेमौसम बारिश का कहर: किसानों की मेहनत पर प्रकृति की मार ।

उत्तर भारत के कई हिस्सों में बेमौसम मौसम का कहर देखने को मिल रहा है। सुनील कुमार महला भारत विश्व का एक प्रमुख कृषि प्रधान […]

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शुक्र है, ‘फोर्टिफाइड’ चावल बांटने पर रोक लगी

शुक्र है, ‘फोर्टिफाइड’ चावल बांटने पर रोक लगी

एक बड़ी आबादी के लिए यह पोषण नहीं था और इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा था सरकार ने अप्रैल 2022 में राशन […]

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खेती और पर्यावरण के लिए क्यों जरूरी है दीमक?

खेती और पर्यावरण के लिए क्यों जरूरी है दीमक?

“ऊई हुंका” अर्थात  दीमक की बाँबियाँ  लुप्त होने का अर्थ है कि धरती संकट में हैं । पंकज चतुर्वेदी उड़ीसा का कश्मीर कहलाने वाले कंधमाल […]

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मिजोरम में शिकार की परंपरा को चुनौती देता एक बर्डवॉचिंग फेस्टिवल

मिजोरम में शिकार की परंपरा को चुनौती देता एक बर्डवॉचिंग फेस्टिवल

हर वर्ष आइजोल के साइलाम बर्ड सैंक्चुअरी में आयोजित होने वाला सीएससी एक सप्ताह तक चलने वाला एक पक्षी गणना अभियान है। ललओमोईया साइलो मिजोरम […]

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पोरंबोके: शहरी सामुदायिक संसाधनों की पुनर्कल्पना

पोरंबोके: शहरी सामुदायिक संसाधनों की पुनर्कल्पना

अगर पानी साफ तौर पर दिखाई दे, सबके लिए आसानी से उपलब्ध हो, और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाए, तो हमारे शहर कैसे […]

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खेतों की मेढ़ पर खड़ा 'ग्लोबल वार्मिंग' का सच

खेतों की मेढ़ पर खड़ा ‘ग्लोबल वार्मिंग’ का सच

साल 2026 की यह फरवरी डराने वाली है, सूरज की तपिश ने समय से पहले ही मार्च के अंत वाले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पंकज […]

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जब बिजली जाती है तो मक्का क्यों नहीं ?

जब बिजली जाती है तो मक्का क्यों नहीं ?

बदले हालात और भारत के साथ रिश्तों में आई खटास का खामियाजा बिहार के मक्का पैदा करने वाले किसानों को उठाना पड रहा है पंकज […]

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नकदी फसलों और हाईवे के बीच रंगलोंग समुदाय का संघर्ष

नकदी फसलों और हाईवे के बीच रंगलोंग समुदाय का संघर्ष

उत्तरी त्रिपुरा में रबर और सुपारी जैसी नकदी फसलों की बढ़ती मांग के कारण रंगलोंग समुदाय की बांस-आधारित आजीविका और जीवनशैली पर संकट गहरा रहा […]

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एक जगह कुछ साल खेती कर, फिर दूसरी जगह चला जाता था ताकि जंगल खुद को दोबारा तैयार कर सकें। | चित्र साभार: चंद्र प्रताप सिंह

बैगा समुदाय: जंगल हमारे बिना नहीं, हम जंगल के बिना नहीं

जंगल और उसकी संरचना को और बेहतर बनाने में क्या योगदान चंद्र प्रताप सिंह, प्रेमलाल बैगा छत्तीसगढ़ के जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विशेष रूप से कमजोर […]

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क्या भारत के कपास किसानों को जैविक खेती का जोखिम उठाना चाहिए?

क्या भारत के कपास किसानों को जैविक खेती का जोखिम उठाना चाहिए?

जैविक कपास की बढ़ती मांग के बावजूद किसानों को इसकी खेती में कई जोखिम उठाने पड़ते हैं। क्या अनुकूल नीतियां और सरकारी सहयोग इस तस्वीर […]

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खेती में मौसम का अलर्ट : छतरपुर के किसानों को कृषि विशेषज्ञों ने दी विशेष सावधानी बरतने की सलाह

खेती में मौसम का अलर्ट : छतरपुर के किसानों को कृषि विशेषज्ञों ने दी विशेष सावधानी बरतने की सलाह

बढ़ते तापमान से रबी फसलों में फूल झड़ने और उपज घटने का खतरा जनवरी माह चल रहा है और जिले के खेतों में रबी फसलें […]

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बापू (गांधी का स्वराज) , सर्वोदय और हलमा का समकालीन अर्थ

बापू (गांधी का स्वराज) , सर्वोदय और हलमा का समकालीन अर्थ

दूनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य असुरक्षा, भूमि क्षरण और जल संकट जैसी जटिल चुनौतियों से जूझ रही है विकास परसराम मेश्राम दूनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य असुरक्षा, […]

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छोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा

छोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा

सामूहिक खेती से किसान कम जमीन मिलाकर खेती कर सकते हैं, उपज बढ़ा सकते हैं और गुजर-बसर की खेती से आगे बढ़ सकते हैं। शीर्षेंदु […]

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एग्रीस्टैक: हिमाचल के छोटे किसानों के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की नई राह

एग्रीस्टैक: हिमाचल के छोटे किसानों के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की नई राह

हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य आधार कृषि और बागवानी रोहित पराशर हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य आधार कृषि और बागवानी है, लेकिन यहाँ […]

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