© UNDP/Andrea Egan प्रशान्त महासागर के द्वीप समूह टोकेलाउ में फ़सलों के ऊपर सौर पैनल लगाए गए हैं, जिससे एक ही भूमि पर खाद्य उत्पादन और […]
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आपदाओं व संकटों में पत्रकारिता की अहमियत: यूएन रिपोर्ट
© UN News ग़ाज़ा में युद्ध के प्रभावों की रिपोर्टिंग करते फ़लस्तीनी पत्रकार. (फ़ाइल फ़ोटो) संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, आपदाओं के दौरान स्वतंत्र […]
Read moreउत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल (TRT) में 13 अगस्त 2026 की शाम को अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा घुस आया, जिससे दर्जनों मजदूर फंस गए और कई की मौत हो गई। हिमालय क्षेत्र में विकास के नाम अपर सुरंगे खोदने से लगातार आब्दि दुर्घताने हो रही हैं । आई आई टी, इसरो आदि के शोध चेतावनी दे रहे हैं कि हिमालय को खड़ना खतरे से खाली नहीं । इसके बावजूद ऐसे निर्माण हो रहे हैं । यह लेख इसी मुद्दे पर है
हिमालय की छाती चीरती सुरंगे और मौत का बढ़ता साया पंकज चतुर्वेदी लगता है हम अतीत के अनुभवों से कुछ सीखने को तैयार नहीं हैं, […]
Read moreअत्यधिक खनन से नदियों पर संकट
रोहित कौशिक क्या वास्तव में नदियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं या फिर समय के प्रभाव से नदियों के स्वरूप में परिवर्तन […]
Read moreफोटो निबंध: छबड़ा थर्मल पावर प्लांट और गांवों का संघर्ष – छबड़ा थर्मल पावर प्लांट भले ही राजस्थान को रोशन करता है, लेकिन इसके आसपास के गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं और बढ़ते प्रदूषण से जूझ रहे हैं।
राजस्थान के बारां ज़िले में स्थित छबड़ा ब्लॉक को अधिकतर लोग छबड़ा थर्मल पावर प्लांट की वजह से जानते हैं। इस विशाल प्लांट को राज्य की बिजली […]
Read moreगैरकानूनी नहीं, फिर भी बैन: एनालॉग पनीर पर उलझी सरकारें
पंकज चतुर्वेदी देश में एक अजीब विरोधाभास खुलकर सामने आया है। केंद्र सरकार की खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एनालॉग पनीर को कभी गैरकानूनी […]
Read moreहरी घास, खुले मैदान: क्यों अहम हैं चरागाह
© UNDP मध्य एशिया का अराल सागर अब लगभग सूख चुका है. जलवायु और पर्यावरण उत्तरी केनया में एक पशुपालक बारिश के इन्तज़ार में आसमान पर […]
Read moreसांप बचेगा तो धरती बचेगी…
पंकज चतुर्वेदी आदिकाल में मनुष्य जिससे डरा, जिससे उपकारित हुआ , उन सभी को पूजने लगा . हमारी पूर्वज जानते थे कि हर जीव, जंतु […]
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