पक्षियों की 500 प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर पक्षियों की 500 से ज्यादा प्रजातियां अगले सौ वर्षों में विलुप्त हो सकती हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी […]
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ताकि सारे साल पानीदार रहे समाज !
ताकि सारे साल पानीदार रहे समाज ! पंकज चतुर्वेदी इस साल मौसम ने चौंका दिया ! बैसाख में सावन की झड़ी लगा दी और अब […]
Read moreमौत का कारण बनता पानी
मौत का कारण बनता पानी रवीन्द्र व्यास दुनिया की महान सभ्यताओं का विकास नदी और सरोवरों के तट पर हुआ । कहीं गांव और शहर […]
Read moreबढ़ती उम्र के साथ बढ़ती बीमारियाँ
बढ़ती उम्र के साथ बढ़ती बीमारियाँ पंकज चतुर्वेदी विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़े बताते हैं कि बीते पाँच दशकों के दौरान भारत में इंसान की […]
Read moreसमय के साथ कम हो चली है झींगुरों की झांय-झांय !
समय के साथ कम हो चली है झींगुरों की झांय-झांय ! सुनील कुमार महला जून के इस महीने में इन दिनों में यह लेखक पहाड़ी […]
Read more“पन्नी है कि आखिर जाती क्यों नहीं ?”
“पन्नी है कि आखिर जाती क्यों नहीं ?” पंकज चतुर्वेदी प्रधानमंत्री ने अपने सन 2019 में ‘मन की बात में’ पॉलीथीन व प्लास्टिक से देश […]
Read moreक्यों टूट रही हैं इन्सान और कुत्ते की दोस्ती
क्यों टूट रही हैं इन्सान और कुत्ते की दोस्ती पंकज चतुर्वेदी राजधानी दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद की बहुत सी बहुमंजिला इमारत के समाज अर्थात सोसायटी […]
Read moreसमुद्र पर मंडराता प्लास्टिक छर्रों का खतरा
समुद्र पर मंडराता प्लास्टिक छर्रों का खतरा पंकज चतुर्वेदी बीते 26 मई को कोच्चि के पास जलमग्न हो गए लाएबेरिया के जहाज से फिलहाल तेल […]
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