कहकशां नहीं, कहर है बारिश प्रकृति का उग्र चेहरा

कहकशां नहीं, कहर है बारिश का

प्रकृति का उग्र चेहरा सुनील कुमार महला मानव की इच्छाओं का कोई अंत नहीं है और आज मानव अपनी इच्छाओं, लालच और सुविधाओं की अंधी […]

Read more
छोटी नदियों ने मचाई बड़ी तबाही

छोटी नदियों ने मचाई बड़ी तबाही

देहरादून के करीब बादल फटने ने चेता दिया है कि छोटी नदियों का अस्तित्व  अनिवार्य है पंकज चतुर्वेदी देहरादून जोली ग्रांट हवाई अड्डे से ऋषिकेश […]

Read more
कीटों की घटती प्रजातियाँ इकोसिस्टम को खतरा !

कीटों की घटती प्रजातियाँ

इकोसिस्टम को खतरा ! सुनील कुमार हाल ही में एक प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक में एक खबर पढ़ी।खबर थी कि-‘पिछले 150 वर्षों में लाखों कीट प्रजातियां […]

Read more
जलकुंभी संकट भारत की आर्द्रभूमियों पर सबसे बड़ा आक्रांता पौधा और उसका वैज्ञानिक-कानूनी समाधान

जलकुंभी संकट

भारत की आर्द्रभूमियों पर सबसे बड़ा आक्रांता पौधा और उसका वैज्ञानिक-कानूनी समाधान अजय सहाय भारत में जलकुंभी (Eichhornia crassipes) का संकट पिछले 120 वर्षों से […]

Read more
आर्द्रभूमि संरक्षण न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा

आर्द्रभूमि संरक्षण

न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा अजय सहाय भारत की आर्द्रभूमियाँ (Wetlands), जिन्हें प्रकृति की किडनी कहा जाता है, देश की पर्यावरणीय […]

Read more
आर्द्रभूमि पुनर्स्थापन की यात्रा स्वतंत्रता के बाद भारत में Wetlands क्षेत्र का राज्यवार विस्तार और वैश्विक मॉडल की साझी कहानी

आर्द्रभूमि पुनर्स्थापन की यात्रा

स्वतंत्रता के बाद भारत में Wetlands क्षेत्र का राज्यवार विस्तार और वैश्विक मॉडल की साझी कहानी अजय सहाय भारत में आर्द्रभूमियाँ (wetlands) जिन्हें प्रकृति की […]

Read more
काथलिक नेता : जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई हेतु वैश्विक शांति जरूरी

काथलिक नेता : जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई हेतु वैश्विक शांति जरूरी

पोप 30 के पहले एक संयुक्त बयान में पैक्स ख्रीस्ती अंतरराष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय कारितास और सीआईडीएसई ने प्रकृति की रक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता […]

Read more
बचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047

बचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र

वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 अजय सहाय भारत में जल संकट एक बहुआयामी चुनौती बन चुका है जिसे केवल […]

Read more