भारत में इस साल ठंड कैसी होगी? जलवायु परिवर्तन और संभावित सुपर एल नीनो का असर..
धीरज चतुर्वेदी भारत में सर्दी अब पहले जैसी स्थिर ऋतु नहीं रह गई है। एक ही मौसम में कहीं घना कोहरा, शीतलहर और पाला पड़ […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
धीरज चतुर्वेदी भारत में सर्दी अब पहले जैसी स्थिर ऋतु नहीं रह गई है। एक ही मौसम में कहीं घना कोहरा, शीतलहर और पाला पड़ […]
Read moreहिमालयी वनों की जैव-रासायनिक शक्ति, बैक्टीरियोफेज विज्ञान और गंगा की स्व-शुद्धिकरण क्षमता पर विकास का प्रभाव अजय सहाय हिमालय की गोद में स्थित देवदार (Cedrus […]
Read moreजलवायु और वर्षा संतुलन,भूमि क्षरण और बाढ़ नियंत्रण,वायु प्रदूषण से सुरक्षा के साथ ही अरावली कृषि और मानव जीवन का भी प्रमुख आधार सुनील कुमार […]
Read moreनई परिभाषा ने तो अरावली की जमीन को ही हड़पने का षड्यंत्र किया है। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह उच्चतम न्यायालय से भारत सरकार को नए खनन […]
Read moreपृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र का टूटता संतुलन और मानव सभ्यता पर बढ़ता अस्तित्व संकट अजय सहाय जलवायु परिवर्तन, अंधाधुंध वनों की कटाई, वायु प्रदूषण, जल […]
Read moreमां तो हमारा पोषण करती है, हमें जीवन विद्या देकर जीने योग्य बनाती है। लालची बनकर माई से कमाई करने वालों को छोड़कर, अरावली बचाने […]
Read moreअरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से […]
Read moreबाढ़ मैदान, ढलान और हिमालयी आपदाएँ अजय सहाय हिमालय केवल पर्वतों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह भारत की जल-सुरक्षा, जलवायु संतुलन, नदियों के उद्गम, […]
Read moreयदि धरती को जलवायु परिवर्तन से बचाना है, तो वेटलैंड बचाना अनिवार्य है अजय सहाय वेटलैंड—जिन्हें धरती के “किडनी”, “कार्बन-सिंक” और “प्राकृतिक जल-टैंक” के रूप […]
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