हर साल एक फीसदी घट रहा है असम
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी यदि असम सरकार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को भरोसेमंद माने तो सन 1950 से अभी तक राज्य की 427,000 हैक्टेयर भूमि […]
Read moreप्राकृतिक असंतुलन और मानवीय हस्तक्षेप ने मिलकर भारत में बाढ़ के जोखिम को लगातार गहरा किया है। यह वार्षिक आपदा अब सामाजिक-आर्थिक क्षति का प्रमुख […]
Read moreयमुना से लेकर ब्राज़ील तक जल-रसायन प्रदूषण की वैश्विक चुनौती और भारत का Vision 2047 अजय सहाय दिल्ली की यमुना नदी में इन दिनों झाग […]
Read moreयमुना में झाग की समस्या पंकज चतुर्वेदी फिर छठ पर्व आया और फिर यमुना की स्वच्छता की याद आई । दुर्भाग्य है कि यमुना दिल्ली […]
Read moreदिल्ली-एनसीआर में कुछ शर्तों के साथ ग्रीन पटाखें जलाने की अनुमति दे दी रोहित कौशिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्रीन पटाखों को जलाने की अनुमति देने […]
Read moreछठ पूजा के बाद जलसंपत्तियों से घटती जनभागीदारी: कारण, चुनौतियाँ और समाधान अजय सहाय छठ पूजा भारत के पूर्वी राज्यों विशेषकर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, […]
Read more62,000 टन बारूद का हुआ इस्तेमाल, 2024 की तुलना में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर्यावरणीय एजेंसी एनर्जी एंड क्लाइमेट इंटेलिजेंस यूनिट (ईसीआईयू) और केंद्रीय […]
Read moreदिवाली और पराली का मिला-जुला असर ! सुनील कुमार महला दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन गई है।एक प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक […]
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