कड़ाके की ठंड की वापसी: ला नीना, जलवायु और बहुआयामी प्रभाव

कड़ाके की ठंड की वापसी: ला नीना, जलवायु और बहुआयामी प्रभाव

देश भर में मौसम इन दिनों तेजी से करवट ले रहा है पंकज चतुर्वेदी बीते दो साल ठंड के मौसम में पहाड़ों पर बर्फ देर […]

Read more
ज़हर लपेटने की आदत

ज़हर लपेटने की आदत

भारत में ‘स्ट्रीट फूड’ संस्कृति पंकज चतुर्वेदी राजस्थान के  किसी अंदरूनी कस्बे में कचोड़ी लें या फिर  इंदौर-उज्जैन या मालवा के कस्बे में पोहा -जलेबी […]

Read more
बांस में बीज आने से मिजोरम में अकाल की आहट

बांस में बीज आने से मिजोरम में अकाल की आहट

जब बांस फूलता है, तो मृत्यु और विनाश उसके पीछे-पीछे आता है। पंकज चतुर्वेदी सीमापार म्यांमार से आ गए  पचास हज़ार से अधिक शरणार्थियों के […]

Read more
क्या एआइ सोख रही है नीले ग्रह का पानी ?

क्या एआइ सोख रही है नीले ग्रह का पानी ?

कहा गया है कि विज्ञान वरदान है तो अभिशाप भी है सुनील कुमार महला आज एआइ(आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का जमाना है। दुनिया में आज एआइ के […]

Read more
घुटन में डरी दिल्ली

घुटन में डरी दिल्ली

हर दीपावली के बाद दिल्ली शहर का घुटता दम संदीप जोशी हर दीपावली के बाद दिल्ली शहर का दम तो घुटता ही है। लेकिन गए […]

Read more
तापमान बढ़ने से समुद्र से सटे कई बड़े महानगर मुश्किल में, कोयले पर अधिक निर्भरता कम करनी ही होगी

जलवायु परिवर्तन  संकट पर सम्मेलन कॉप-30

तापमान बढ़ने से समुद्र से सटे कई बड़े महानगर मुश्किल में, कोयले पर अधिक निर्भरता कम करनी ही होगी पंकज चतुर्वेदी कॉप 30 की बैठक […]

Read more
वृक्षम्मा ने दुनिया को विदा कहा

वृक्षम्मा ने दुनिया को विदा कहा

थिमक्का ने बिना औपचारिक शिक्षा प्राप्त किए अपने वृक्षारोपण के मिशन की शुरुआत की। अंकित पद्मश्री सम्मानित पर्यावरण कार्यकर्ता ‘सालूमरदा’ थिमक्का का शुक्रवार 14 नवंबर […]

Read more

“कार्बन घटाने से हरित अर्थव्यवस्था तक : कॉप -30 की चुनौतियां और अवसर”

वार्षिक शिखर सम्मेलन उन देशों को एक साथ लाता है, जिन्होंने 1992 की संयुक्त राष्ट्र जलवायु संधि, जो कि 3 जून 1992 को रियो डी […]

Read more