देहरादून के करीब बादल फटने ने चेता दिया है कि छोटी नदियों का अस्तित्व अनिवार्य है पंकज चतुर्वेदी देहरादून जोली ग्रांट हवाई अड्डे से ऋषिकेश […]
Read moreTag: #जलवायुपरिवर्तन
आर्द्रभूमि संरक्षण
न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा अजय सहाय भारत की आर्द्रभूमियाँ (Wetlands), जिन्हें प्रकृति की किडनी कहा जाता है, देश की पर्यावरणीय […]
Read moreकाथलिक नेता : जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई हेतु वैश्विक शांति जरूरी
पोप 30 के पहले एक संयुक्त बयान में पैक्स ख्रीस्ती अंतरराष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय कारितास और सीआईडीएसई ने प्रकृति की रक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता […]
Read moreबचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र
वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 अजय सहाय भारत में जल संकट एक बहुआयामी चुनौती बन चुका है जिसे केवल […]
Read moreमानसून को हिन्द महासागर में जलवायु परिवर्तन के परिपेक्ष्य में समझना होगा
अगस्त से चार सितंबर तक देश के उत्तरी हिस्से में सामान्य से तीन गुना अधिक बारिश पंकज चतुर्वेदी इस बार उत्तर भारत में मानसून ने […]
Read moreगंगा–यमुना का जीवित इकाई दर्ज़ा
25 वर्षों की न्यायिक, नीतिगत और पर्यावरणीय यात्रा अजय सहाय गंगा और यमुना नदियाँ भारतीय संस्कृति, सभ्यता, आस्था, कृषि और जीवनरेखा की प्रतीक मानी जाती […]
Read moreवैज्ञानिक दृष्टि से नीम, पीपल, बरगद और जामुन का महत्व
ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और आर्सेनिक संकट से जूझते भारत का हरित समाधान अजय सहाय नीम, पीपल, बरगद और जामुन जैसे परंपरागत वृक्ष वर्तमान वैश्विक […]
Read moreउत्तराखंड की नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी
उच्च न्यायालय और ट्रिब्यूनल के सख्त फैसले, नदियों-नालों के किनारे विकास पर रोक और आपदा से बचाव का वैज्ञानिक दृष्टिकोण अजय सहाय उत्तराखंड की संवेदनशील […]
Read moreहिमालयी आपदाएँ और पुनर्वास की ज़रूरत
सुरक्षित कॉलोनियों की ओर वैज्ञानिक कदम अजय सहाय हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे हिमालयी राज्यों में जलवायु परिवर्तन के कारण पिछले कुछ वर्षों से […]
Read moreबाढ़ मुक्त भारत का विज़न
विज्ञान, संविधान और अंतरराष्ट्रीय मॉडल की राह अजय सहाय भारत के वर्तमान परिदृश्य में हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा, मानसून की अनियमितता, […]
Read moreहिमाचल की त्रासदी, वैश्विक चेतावनी
जलवायु खतरों को कब समझेंगे? रोहित पराशर हाल ही में हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं में भारी नुकसान देखने को मिला है और पर्यावरण असंतुलन […]
Read moreहिमालयी चारधाम यात्रा और आपदाएँ
शून्य तीर्थयात्री दिवस, चरम वर्षा और जलवायु परिवर्तन की चुनौती हिमालय के चार धाम—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के साथ अमरनाथ और वैष्णो देवी जैसे प्रमुख […]
Read moreनकली बादल असलियत नहीं जानते
नकली बादल से झील भरने के लिए देश-विदेश की कम्पनियाँ बुला लीं। पंकज चतुर्वेदी जयपुर से कोई 32 किलोमीटर दूर जमवा रामगढ़ की झील कभी […]
Read moreपिघलते हिमालय और बनते वेटलैंड्स
जैव विविधता, आपदा और जल आत्मनिर्भरता की चुनौती अजय सहाय हिमालयी क्षेत्र को विश्व की “तीसरी ध्रुवीय पट्टी” कहा जाता है क्योंकि यहाँ 9,575 से […]
Read more