एशिया की जीवनरेखा पर संकट हिमालय, तिब्बत और पामीर क्षेत्र की 11,113 नदियों में जल प्रवाह तेजी से बढ़ा है। अध्ययन में पाया गया कि […]
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हिमालय की चेतावनी: नदी-नालों से दूरी बनाएँ, जीवन बचाएँ
क्लाउडबर्स्ट, जल प्रवाह और आपदा प्रबंधन पर वैज्ञानिक और नीतिगत विश्लेषण अजय सहाय भारत के हिमालयी, अरावली, नीलगिरी, पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट जैसे पर्वतीय […]
Read moreजल उफान की चेतावनी: 2025-26 में नदियों के कहर के पीछे वैज्ञानिक विश्लेषण
मानवजनित कारण और भारत की जल आत्मनिर्भरता की दिशा में समाधान अजय सहाय 2025-26 के वर्षा ऋतु में भारत की अधिकांश बड़ी और छोटी नदियों […]
Read moreगंगा जल की वैज्ञानिक शुद्धता
बैक्टीरियोफेज वायरसों की अद्वितीयता और आत्मशुद्धिकरण क्षमता का रहस्य अजय सहाय गंगा नदी का जल धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ वैज्ञानिक रूप से […]
Read moreगंगोत्री ग्लेशियर, जल गुणवत्ता और गंगा नदी का भविष्य
वैज्ञानिक विश्लेषण, BOD–DO संतुलन और जल संकट की चुनौती अजय सहाय गंगोत्री ग्लेशियर, जो उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित है, गंगा नदी का प्रमुख […]
Read moreनदियों की कहानी, समुदायों की ज़ुबानी
पूर्वोत्तर जनस्मृति का डिजिटल अभिलेख वंदना मेनन सदियों से पूर्वोत्तर भारत की महान नदियां इस क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को आकार देती रही […]
Read moreधरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी
राज्यों में भी जल विभागों का समन्वय न होना अजय सहाय भारत को हर वर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होता […]
Read moreइंद्रावती: लोकगाथा, लोकसाहित्य और बस्तर की जलसंस्कृति का जीवंत संगम
छत्तीसगढ़ की इंद्रावती नदी डॉ. रुपेन्द्र कवि नदियाँ जब केवल जलधारा न रहकर संस्कृति की वाहक, लोक स्मृति की रक्षक और समूह-मानवता की चेतना बन […]
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