पूर्वोत्तर जनस्मृति का डिजिटल अभिलेख वंदना मेनन सदियों से पूर्वोत्तर भारत की महान नदियां इस क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को आकार देती रही […]
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धरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी
राज्यों में भी जल विभागों का समन्वय न होना अजय सहाय भारत को हर वर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होता […]
Read moreइंद्रावती: लोकगाथा, लोकसाहित्य और बस्तर की जलसंस्कृति का जीवंत संगम
छत्तीसगढ़ की इंद्रावती नदी डॉ. रुपेन्द्र कवि नदियाँ जब केवल जलधारा न रहकर संस्कृति की वाहक, लोक स्मृति की रक्षक और समूह-मानवता की चेतना बन […]
Read moreनदी बचाओ, जीवन बचाओ
भारत की नदियों का भविष्य अजय सहाय नदी बचाओ, जीवन बचाओ: भारत की नदियों का भविष्य विषय पर जब हम बात करते हैं तो यह […]
Read moreछोटी नदियों का सूखना
वर्टिकल और हॉरिज़ॉन्टल फ्रैक्चर की वैज्ञानिक गाथा अजय सहाय आज के समय में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण सर्दियों के मौसम (Winter Season) में […]
Read moreसर्दियों में सूखते जलस्रोत
जलवायु परिवर्तन, वाष्पीकरण और भूगर्भीय फ्रैक्चर का वैज्ञानिक सत्य अजय सहाय आज के समय में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण सर्दियों के मौसम (Winter […]
Read moreजल बम के मुहाने पर बैठा है दक्षिण एशिया
जब जल पर जंग होगी ! पंकज चतुर्वेदी ‘खून और आतंकवाद साथ नहीं चल सकता’- पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के विरुद्ध भारतीय नीति ने पानी की […]
Read more‘हिम नदी’ से ‘रेत नदी’ तक: ग्लेशियरों से सूखती नदियों की कहानी
ग्लेशियरों से सूखती नदियों की कहानी अजय सहाय जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध ग्लेशियरों का संरक्षण आज मानव अस्तित्व और पृथ्वी की जल, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी […]
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