जलवायु परिवर्तन, चरम वर्षा और ग्लेशियर संकट का वैज्ञानिक विश्लेषण (2010–2025) अजय सहाय हिमालय जिसे “तीसरा ध्रुव” (Third Pole) कहा जाता है, इस शताब्दी की […]
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खेती और ज़मीन, पहाड़ और खनन
भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ कपिल मेवाड़ा भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ हैं। खेती हमारी खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की […]
Read moreजलवायु परिवर्तन और भारतीय मत्स्य उद्योग का पतन
भारतीय मछुआरे घटती मछली संख्या और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की दोहरी मार झेल रहे हैं, जो मछलियों को ठंडे और गहरे पानी की ओर […]
Read moreक्लाउडबर्स्ट घटनाएँ और चरम वर्षा पैटर्न
जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिक कारण, आँकड़े और समाधान अजय सहाय क्लाउडबर्स्ट या बादल फटना एक ऐसी विनाशकारी घटना है जिसमें सीमित क्षेत्र (आमतौर पर 20–30 […]
Read moreभूस्खलन और पर्वतीय पारिस्थितिकी की नाजुकता
वैज्ञानिक कारण, भूगर्भीय सच्चाई और आँकड़ों पर आधारित विश्लेषण अजय सहाय भूस्खलन (Landslides) एक ऐसी भू-आकृतिक प्रक्रिया है जिसमें पर्वतीय ढलानों से मिट्टी, चट्टानें, गाद, […]
Read moreहिमालय बचाइए तो देश बचेगा
प्रकृति ही नहीं जलवायु परिवर्तन के जिम्मेदार हम मनुष्य भी हैं। शिवचरण चौहान इस साल पहाड़ों पर बहुत अधिक बरसात हुई है। बहुत अधिक भूस्खलन […]
Read moreअगली पीढ़ी के लिए कठिन वर्तमान और अनिश्चित भविष्य की वजह बनता जलवायु संकट
जानिए क्यों बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी भी जलवायु संकट से जुड़ी चर्चाओं का विषय बननी चाहिए। जननी शेखर यूनीसेफ बच्चों पर जलवायु परिवर्तन के […]
Read moreजलवायु परिवर्तन: पिघलते ग्लेशियर व बारिश ने 11,113 नदियों को बनाया खतरनाक
एशिया की जीवनरेखा पर संकट हिमालय, तिब्बत और पामीर क्षेत्र की 11,113 नदियों में जल प्रवाह तेजी से बढ़ा है। अध्ययन में पाया गया कि […]
Read more5000 करोड़ की पर्यटन अर्थव्यवस्था बनाम हिमालय की सुरक्षा
उत्तराखंड के लिए प्रकृति-सम्मत पुनर्वास और सुरक्षित पर्यटन रोडमैप अजय सहाय उत्तराखंड के संवेदनशील हिमालयी भूभाग में हाल ही में धाराली की भयावह घटना ने […]
Read moreजलवायु में बदलाव के दौर में भयावह होता बादलों का फटना
बादल फटने की घटनाओं में वृद्धि बेहद चिंताजनक पंकज चतुर्वेदी स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के गांव चिसौती में बादल फटने […]
Read moreक्या हमारा भविष्य ज़हरमुक्त होगा?
पर्यावरणीय प्रदूषण और जलवायु संकट: ज़हर हमारे चारों ओर… पवन नागर वर्तमान समय में जब दुनिया तकनीकी और आर्थिक प्रगति की नई ऊँचाइयाँ छू रही […]
Read moreउत्तराखंड के धारचूला का जल-आपदा खतरा
ग्लेशियल झील, क्लाउडबर्स्ट और नियम-उल्लंघन पर वैज्ञानिक विश्लेषण अजय सहाय धारचूला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में समुद्र तल से लगभग 940 मीटर की ऊँचाई पर […]
Read moreहिमालयी आपदाओं का बदलता पैटर्न
जलवायु परिवर्तन, पश्चिमी विक्षोभ और मानव हस्तक्षेप का संयुक्त संकट अजय सहाय उत्तरकाशी में आई हालिया आपदा का पैटर्न वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई […]
Read moreहिमालयी ढलानों पर वृक्षों की पकड़ कमजोर होने के वैज्ञानिक कारण
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का दो दशक का पर्यावरणीय विश्लेषण अजय सहाय उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दशकों में पेड़ों के धरती को […]
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