-सुनील कुमार महला भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है-नाग पंचमी। इस वर्ष यानी कि वर्ष 2026 में नाग पंचमी का पावन पर्व 17 अगस्त […]
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आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने अठारह सौ इक्यासी से लेकर वर्ष दो हजार पच्चीस तक के छत्तीस हजार से अधिक भूकंपीय आंकड़ों का वैज्ञानिक और सांख्यिकीय विश्लेषण करके एक विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया है। इस अध्ययन से यह बात सामने आई है कि अंडमान के नीचे सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं के बीच लगातार जबरदस्त घर्षण और दबाव बढ़ रहा है। शोध के अनुसार, इस क्षेत्र में भविष्य में आठ या उससे अधिक तीव्रता के विनाशकारी भूकंप आने की आशंका बहुत अधिक है। ऐसे स्थान पर भारी निर्माण कार्य बड़ी तबाही ला सकते हैं , वैसे भी अंडमान निकोबार जलवायु परिवर्तन को ले लार बेहद संवेदनशील है – यह लेख इसी विषय
पर है साथ में रिसर्च पेपर भी है भूकंप से काँपते अंडमान में निर्माण कार्य तबाही लाएंगे पंकज चतुर्वेदी भारत का बंगाल की खाड़ी और […]
Read moreजलविहीन होते जलाशय,आखिर क्यों…………………………..?
अखण्ड प्रताप सिंह देश की राजनीति, खेल, जनसंख्या में अपना अहम स्थान रखनें वाला उत्तर प्रदेश तेजी से जलविहीन हो रहा है जिसका मूल कारण […]
Read moreअब दिखने लगा पर्यावरण पर बढ़ते तापमान का असर
रोहित कौशिक वैज्ञानिक कई वर्षों से यह चेतावनी दे रहे थे कि भविष्य में बढ़ते तापमान के कारण कई तरह के पर्यावरणीय बदलाव होंगे। […]
Read moreझेलम नदी इन दिनों घाटी और जम्मू में तबाही मचाए है । यह नदी अभी कुछ हफ्ते पहले तक समय से पहले जल स्तर गिरने के लिए चिंता का कारण थी , अचानक इसके रौद्र रूप लेने का असल कारण कुदरती नहीं , मानवीय दखल है । यह आलेख इसी मसले पर है ।
आखिर क्यों बिगड़ैल हो जाती है झेलम? पंकज चतुर्वेदी जो नदी अभी कुछ हफ्तों पहले तक सुस्त , उदास सी थी, अचानक पहली बरसात में ही […]
Read moreकृषि जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ढल रही है
VTV.vn – जलवायु की बिगड़ती परिस्थितियों के कारण कई क्षेत्रों के किसानों को फसलें बदलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, वे ऐसी किस्मों […]
Read moreयुद्ध, जलवायु संकट और खेती का भविष्य
पवन नागर वर्तमान समय में दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ एक ओर विज्ञान और तकनीक नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं, […]
Read moreसुरक्षित बिजली के रूप में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते समय हम भूल जा रहे हैं कि आने वाले सालों में इसके संयत्रों से निकलने वाला कचरा सर दर्द बनेगा । अभी तक इसके कचरे के निबटारे के कोई भी वैश्विक उपाय नहीं खोजे जा सके । यह लेख इसी मसले पर हैं
स्वच्छ ऊर्जा की खोज में कहीं भारी न पड़ जाए यह कचरा पंकज चतुर्वेदी सौर ऊर्जा को लंबे समय से जीवाश्म ईंधन के विकल्प के […]
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