© Unsplash/Michael Held पुर्तगाल की पहाड़ियों पर धधकती जंगल की आग. (फ़ाइल फ़ोटो) जलवायु और पर्यावरण संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को चेतावनी […]
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झूम खेती के संकट से निकलने का रास्ता कैसे खोज रहे हैं मणिपुर के किसान?
बढ़ती आबादी, भूमि पर बढ़ते दबाव और बदलते पर्यावरण के बीच मणिपुर के किसानों के लिए झूम खेती अब पहले जितनी प्रभावी नहीं रही है। […]
Read moreधरती तप रही है : बढ़ती गर्मी और मानव जीवन पर मंडराता खतरा।
सुनील कुमार महला आज धरती का तापमान लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है। वास्तव में, कहना ग़लत नहीं होगा कि वैश्विक तापमान में लगातार […]
Read moreहरित भविष्य की राह: प्रकृति संरक्षण का संकल्प।(28 जुलाई विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर विशेष आलेख)
प्रतिवर्ष 28 जुलाई को जैव विविधता के संरक्षण, विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किए जाने,पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों […]
Read moreपिछले दिनों गुजरात के नवसारी सहित कई शहरों में अचानक इतनी बरसात हुई कि शहर दरिया बन गए , जिस देश में अल नीनो असर के कारण कम बरसात की संभावना थी, वहाँ दस हजार किलोमीटर के बादल डेरा डाले हैं । पैसिफिक डिकेडल ऑसीलेशन किस तरह मानसून को भयावह बना रहा है , यह लेख इसी वैज्ञानिक मसले पर है।
महा-बादलों की ज़द में भारत: गुजरात जल-प्रलय से देश के ख़तरे की घंटी पंकज चतुर्वेदी प्रशांत महासागर की अगाध गहराइयों में घटने वाली समुद्री तापीय […]
Read moreअभी एक हफ्ते भी बरसात हुई नहीं और मीडिया ने इसे विध्वंश करने वाला, तबाही लाने वाला जैसे शब्दों से नवाज दिया । असल मने हमारी सोच मानसून को ले कर व्यापक होन चाहिए । यह लेख इसी विषय पर है ।
मानसून को खलनायक न बनाएं पंकज चतुर्वेदी सुपर अल नीनो के चलते जो देश अभी एक हफ्ते पहले तक सूखे, कमजोर अर्थ व्यवस्था, संभावित बिजली संकट […]
Read moreपेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से गाड़ी खराब होने, बंद होने के समाचार आ रहे हैं । इसका वैज्ञानिक तथ्य क्या है। दुनिया के और किन्ही देशों में ऐसा होता है । भारत में इसकी असफलता का कारण क्या है । इस पर केंद्रित लेख प्रस्तुत है
पेट्रोल की टंकी में घुलता नया संकट और आम आदमी की जेब का विज्ञान पंकज चतुर्वेदी पिछले कुछ महीनों से सुबह-सुबह पेट्रोल पंपों पर और […]
Read moreकेंद्रीय भूजल बोर्ड की हालिया रिपोर्ट बताती है कि किसी तरह देश में भूजल के जहरीले होने का दायरा बढ़त जा रहा है । यह लेख इसी विषय की व्याख्या गम्भीरत से करता हैं ।
पंकज चतुर्वेदी भूजल का गहराता संकट और अस्तित्व की चुनौती आधुनिकता की अंधी दौड़ और अनियोजित विकास के बीच देश के एक बड़े हिस्से से आ […]
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