“ हर कोई शिखर पर पहुंचना चाहता है, लेकिन पहाड़ की चोटी पर कोई विकास नहीं होता। घाटी में ही हम हरी-भरी घास और उपजाऊ […]
Read moreTag: #भारत
सतत विकास: समृद्धि और संरक्षण का साझा मार्ग !
अरावली को केवल पहाड़ियों की एक भौगोलिक श्रृंखला मानना भूल होगी सुनील कुमार महला अरावली पहाड़ियों की जिस परिभाषा को पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट ने […]
Read moreआखिर क्या गुल खिलाएगी दक्षिण भारत में अप्रत्याशित ठंड
हाल के वर्षों में ठंड के मौसम में उत्तरी हवाओं के असामान्य रूप से गहरे प्रवेश पंकज चतुर्वेदी कर्नाटक के हुबली -धारवाड़ में कभी स्वेटर […]
Read moreअरावली बनाम तथाकथित विकास: प्रकृति के शोषण की कीमत
जलवायु और वर्षा संतुलन,भूमि क्षरण और बाढ़ नियंत्रण,वायु प्रदूषण से सुरक्षा के साथ ही अरावली कृषि और मानव जीवन का भी प्रमुख आधार सुनील कुमार […]
Read moreअरावली में नए खनन पट्टे देना तथा खनन चालू
नई परिभाषा ने तो अरावली की जमीन को ही हड़पने का षड्यंत्र किया है। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह उच्चतम न्यायालय से भारत सरकार को नए खनन […]
Read moreअरावली मां के स्तन काटकर बेचने वाले अपराधी हैं
मां तो हमारा पोषण करती है, हमें जीवन विद्या देकर जीने योग्य बनाती है। लालची बनकर माई से कमाई करने वालों को छोड़कर, अरावली बचाने […]
Read moreवेटलैंड: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध धरती की अंतिम प्राकृतिक ढाल
यदि धरती को जलवायु परिवर्तन से बचाना है, तो वेटलैंड बचाना अनिवार्य है अजय सहाय वेटलैंड—जिन्हें धरती के “किडनी”, “कार्बन-सिंक” और “प्राकृतिक जल-टैंक” के रूप […]
Read moreहमें जन्म देने वाली स्त्री और नदियों को जन्म देने वाली अरावली—पर्वतमाला हमारी माँ है।
खनन अरावली की प्रकृति और संस्कृति—दोनों के विरुद्ध है। जलपुरुष राजेंद्र सिंह अरावली के गर्भ से सैकड़ों नदियों का जन्म हुआ है, जो खनन एवं […]
Read more